'माचिस की तीली के उपर गिरगिट'

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Image caption सूक्ष्म प्रजाति के ये गिरगिट मैडागास्कर के टापुओं में पाए गए हैं

मैडागास्कर में कुछ शोधकर्ताओं ने एक ऐसी नई प्रजाति की गिरगिट को ढूंढ निकाला है जो माचिस की तीली के उपर खड़ा हो सकता है.

ब्रूकेशिया माइक्रा के नाम से पहचान किए जानेवाले इस सूक्ष्म गिरगिट की लंबाई सिर्फ 29 मिलीमीटर है.

जर्मनी के वैज्ञानिकों ने मैडागास्कर द्वीप के उत्तरी हिस्से में ऐसे ही तीन नई प्रजातियों को ढूंढ निकाला है.

ये गिरगिट बहुत ही सीमित इलाके में घूमते-फिरते हैं और वैज्ञानिकों को डर है कि जीवों के प्राकृतिक आवास में होने वाली बाधा के कारण इनको खतरा हो सकता है.

ये खोज प्लॉस वन पत्रिका में छापी गई है.

म्यूनिक में जीव विज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था के डॉ. फ्रैंक ग्लॉ के नेतृत्व वाली शोधकर्ताओं की टीम को मैडागास्कर में पाए जाने वाले इन बौने गिरगिटों के बारे में काफी जानकारी मिली है.

आमतौर पर दिन के समय उपेक्षित रह जाने वाले इन जीवों को ढूंढ निकालने के लिए डॉ.फ्रैंक ग्लॉ की टीम ने मैडागास्कर के द्वीप में बारिश के दिनों में रात-रात भर खुले में काम किया.

डॉ. ग्लॉ कहते हैं, ''ये जीव आमतौर पर दिन के समय पत्तों के परतों में बिछी गंदगी में छिपे रहते हैं, लेकिन रात के वक्त ये सोने के लिए उपर टहनियों में आ जाते हैं तब हम उन्हें आसानी से खोज सकते हैं.''

वैज्ञानिकों ने टॉर्च और हेडलाइट्स की मदद से इन सूक्ष्म गिरगिटों के संभावित ठिकानों की बड़ी ही गहनता से जांच की ताकि इनके बसेरों को खोजा जा सके.

वैज्ञानिकों को गिरगिट का सबसे छोटा प्रजाति काफी दूर बसे एक टापू के फैले कंकड़-पत्थरों में मिला. ये किसी निर्जन टापू में रह रहे जीवों में होने वाले अत्याधिक बौनेपन का उदाहरण हो सकता है.

इस तरह की घटना तब होती है जब आमतौर पर एकांत टापू में रहने वाली कोई प्रजाति बदलते और प्रतिबंधित प्राकृतिक आवास के अनुरूप अपने आपको ढालने के लिए आकार में छोटी होती चली जाती है.

बीबीसी नेचर से बात करते हुए डॉ. ग्लॉ ने ब्रूकेसिया माइक्रा के मामले में 'टू आइलैंड इफेक्ट' होने की बात कही.

उनके मुताबिक ''ऐसा हो सकता है कि मैडागास्कर के बड़े द्वीपों में सामान्य समूह के बौने गिरगिटों का जन्म हुआ हो और वहां के छोटे टापुओं में इन बौने गिरगिटों के सूक्ष्म प्रजातियों का जन्म हुआ हो.

'विविध पर कमज़ोर'

चूंकि ये सभी गिरगिट देखने में एक जैसे हैं, इसलिए ये सुनिश्चित करने के लिए कि असल में ये चार अलग-अलग प्रजाति के गिरगिट हैं, शोधकर्ताओं ने इनका आनुवांशिक विश्वेषण किया है.

इस आनुवांशिक विश्वेषण के दौरान समूह के सदस्य, जर्मनी के टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रान्सवेग के मिग्वेल वेंसेस ने इन चारों प्रजातियों में असाधारण फर्क पाया.

मिग्वेल कहते हैं, ''सभी प्रजातियों में जिस तरह का असाधारण फर्क़ पाया गया है उससे पता चलता है कि ये एक दूसरे से हजा़रों साल पहले अलग हो चुके हैं, गिरगिटों की कई अन्य प्रजातियों से भी पहले.

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Image caption इन गिरगिटों की चार नई प्रजातिओं में कई खास तरह के फर्क पाए गए हैं

गिरगिट के ये सभी नए प्रजाति बहुत ही छोटे और सीमित जगहों पर रहते हैं, कई बार एक वर्ग किलोमीटर से भी छोटी जगहों पर.

डॉ. ग्लॉ का कहना है,''मेडागास्कर के कई प्रजातियों का प्राकृतिक आवास बहुत ही छोटी जगहों तक प्रतिबंधित है जिससे उनका संरक्षण ज़रूरी हो जाता है.''

वैज्ञानिकों का मानना है कि इन प्रजातियों की संख्या छोटी होने के कारण वे प्राकृतिक आवास में होने वाली अशांति के प्रति ज्य़ादा संवेदनशील हो जाते हैं.

बी.ट्रिस्टीस का फ्रेंच भाषा में मतलब 'उदास' होता है, इस प्रजाति को शहर से सटे हुए अलग-थलग पड़े जंगल के एक छोटे से टुकड़े में पाया गया था.

टीम ने इन प्रजातियों के जानबूझ कर उकसाने वाले नाम चुने हैं ताकि इससे इन टापुओं में पाए जाने इन सूक्ष्म प्रांतिक जीवों की सुरक्षा के प्रति चिंता ज़ाहिर किया जा सके.

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