आबादी से अधिक हो जाएगी मोबाइलों की संख्या

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Image caption मोबाइलों की संख्या 2002 से 2011 के बीच आठ गुना बढ़ी है

नेटवर्क कंपनी सिस्को ने दुनिया में मोबाइल ट्रेफ़िक पर अध्ययन के बाद पाया है कि इस वर्ष मोबाइल फ़ोनों की संख्या दुनिया की आबादी से अधिक हो जाएगी.

सिस्को के अनुसार वर्ष 2016 में दुनिया भर में दस अरब मोबाइल फ़ोन काम कर रहे होंगे.

सिस्को का कहना है कि उस समय तक नेटवर्क में हर साल 130 एक्साबाइट्स डेटा होगा. इतने डेटा को अगर डीवीडी में डाला जाए तो 33 अरब डीवीडी की ज़रुरत होगी.

कंमनी की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2011 में मोबाइल नेटवर्क के जरिए जो डेटा उपयोग में लाया गया उसका आकार दुनिया भर में वर्ष 2000 के इंटरनेट डेटा से आठ गुना ज़्यादा था.

गीगाबाइट क्लब

रिपोर्ट में कहा गया है कि मोबाइल के उपभोक्ता जितने डेटा का इस्तेमाल इस समय करते हैं उसी से निपटने में मोबाइल कंपनियों को परेशानी हो रही है और आने वाले समय में ये परेशानी बढ़ सकती है.

कंपनी का कहना है कि इस समय एक स्मार्टफ़ोन इस्तेमाल करने वाला मोबाइल उपभोक्ता औसतन 150 मेगाबाइट्स का उपयोग करता है लेकिन 2016 तक ये आंकड़ा 2.6 गीगाबाइट्स तक पहुंच जाएगा.

सिस्को में प्रोडक्ट्स और सॉल्युशन विभाग के वाइस प्रेसिडेंट सूरज शेट्टी का कहना है, "वर्ष 2016 तक 60 प्रतिशत मोबाइल उपभोक्ता, जिनकी संख्या तीन अरब तक हो जाएगी, गीगाबाइट क्लब के सदस्य हो जाएँगे. इनमें से हर व्यक्ति हर महीने एक गीगाबाइट तक मोबाइल डेटा का प्रयोग कर रहा होगा."

डेटा के प्रयोग में हो रही बढ़ोत्तरी की कई वजहें हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि अब ज़्यादा लोग टैबलेट उपकरणों का प्रयोग कर रहे हैं, जो स्मार्टफ़ोन की तुलना में ज़्यादा डेटा का इस्तेमाल करते हैं.

सिस्को के अनुसार अकेले 2011 में ही टैबलेट की संख्या 3.4 करोड़ से ज़्यादा हो गई है और ये स्मार्टफ़ोन की तुलना में तीन गुना से ज़्यादा डेटा का उपयोग कर रहे हैं.

कंपनी का कहना है कि वर्ष 2016 तक टैबलेट के ज़रिए ट्रैफ़िक मोबाइल फ़ोन के कुल ट्रैफ़िक का 10 प्रतिशत से अधिक होगा.

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Image caption मोबाइल की तुलना में टैबलेट ज़्यादा डेटा का इस्तेमाल करते हैं

सिस्को का कहना है कि इस बढ़ोत्तरी की एक वजह नेटवर्क की रफ़्तार बढ़ना भी होगी.

रिपोर्ट के अनुसार इस समय 4जी कनेक्शन सिर्फ 0.2 प्रतिशत मोबाइलों के लिए उपलब्ध है लेकिन नेटवर्क ट्रैफ़िक में उनका योगदान छह प्रतिशत के क़रीब है.

इसमें कहा गया है कि 4जी के मोबाइलों के ज़रिए गैर 4जी कनेक्शन वाले मोबाइलों की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक डेटा इस्तेमाल में लाया जा रहा है.

ऐसा कहा जाता है कि ऐपल के आईफोन दूसरे हैंडसेट की तुलना में ज़्यादा बैंडवि़ड्थ का इस्तेमाल करते हैं कि लेकिन अमरीका और यूरोप के आंकड़े बताते हैं कि एंड्रॉइड ने आईफ़ोन को पीछे भले ही न छोड़ा हो लेकिन बराबरी पर तो पहुँच ही गया है.

ब्रॉ़डबैंड पर 'थिंकब्रॉ़डबैंड' नाम से न्यूज़वेबसाइट चलाने वाले सेब लैहतिनेन को इन आंकड़ों से आश्चर्य नहीं हुआ है.

उनका कहना है कि इस समय सभी लोग ट्रनों पर भी स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते हैं लेकिन सिग्नल अच्छा नहीं होता.

वे कहते हैं, "डेटा की स्पीड और गुणवत्ता में जैसे जैसे बढ़ोत्तरी होगी, मोबाइल पर वीडियो देखने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती जाएगी और इससे मोबाइल ट्रैफ़िक में विस्फोट हो जाने के आसार हैं."

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