सूक्ष्म रोबोट जो देगा शरीर में बीमारियों का पता

सी लैम्प्रे
Image caption सूक्ष्म रोबोट साइबरप्लास्ट सी लैम्प्रे नाम के एक समुद्री मछली की बनावट के तर्ज पर बनाया जाएगा.

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का कहना है कि वो एक ऐसा सूक्ष्म रोबोट बना रहे हैं जो मनुष्य के शरीर में घुसकर बीमारियों का पता लगाने के लिए एक जीव की तरह काम करेगा.

यह रोबोट इतना सूक्ष्म होगा कि इंसानी शरीर में मौजूद द्रव्य में तैर सकेगा.

ब्रिटेन के न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों सहित शोधकर्ताओं के दल का मानना है कि ‘साइबरप्लास्म’ नाम का ये सूक्ष्म रोबोट, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंसानी शरीर की संरचना की तर्ज पर कृत्रिम जीव कोशिकाओं से मिलाकर बनाया जाएगा.

वैज्ञानिकों की योजना है कि साइबरप्लास्म में इलेक्ट्रॉनिक स्नायु प्रणाली का प्रयोग किया जाए, जिसमें स्तनपाई जीवों की तर्ज पर आंखें और नाक हो. साथ ही इसमें कृत्रिम मांसपेशियां रहेंगी जो ग्लूकोज से ऊर्जा लेकर काम करेंगी.

साइंस डेली पत्रिका के मुताबिक ब्रिटेन और अमरीका की कुछ संस्थाएं मिलकर अगले कुछ सालों में साइबरप्लास्म का निर्माण करेंगी.

साइबरप्लास्म को एक विशेष तरह की समुद्री मछली की तर्ज पर बनाए जाने की योजना है. सी लैम्प्रे नाम की ये मछली मुख्य तौर पर अटलांटिक महासागर में पाई जाती है.

वैज्ञानिकों के दल का मानना है कि इस बनावट से रोबोट उस माहौल में बेहतर काम करेगा जिसमें इसका प्रयोग किया जाना है.

'बिमारी पता करेगा'

साइंस डेली में छपी खबर के अनुसार भविष्य में इस रोबोट का प्रयोग मनुष्यों की बिमारियां पता करने के लिए किया जा सकता है.

वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर डेनियल फ्रैन्केल ने कहा, ''अपने आस-पास के माहौल की जानकारियां पता करने और महसूस करने में जीवों की क्षमता के टक्कर में कुछ भी नहीं है.''

साइबरप्लास्म की ज्ञानेंद्रियों को इस प्रकार से बनाया जा रहा है कि वो बाहरी गतिविधियों को इलेक्ट्रॉनिक तरंगों में बदल कर “दिमाग” तक पहुंचाता है, जहां कई इलेक्ट्रॉनिक चिप लगे होंगे.

यही कृतिम दिमाग फिर बाकी अंगों को चलने फिरने के लिए निर्देश देगा.

एक लिखित बयान में डॉक्टर फ्रैन्केल ने कहा, ''हम फिलहाल साइबरप्लास्म के विभिन्न अंगों को बनाने पर काम कर रहे है. हम उम्मीद कर रहे है कि अगले कुछ साल में इन अंगों को जोड़ लिया जाएगा.''

साइबरप्लास्ट आस-पास की जानकारियों को इक्ठ्ठा करके शोधकर्ताओ तक पहुंचा सकता है.

संबंधित समाचार