मोटापे से गर्भस्थ शिशु के दिमाग को खतरा

 सोमवार, 9 अप्रैल, 2012 को 13:57 IST तक के समाचार

मोटी और डायबिटीज ग्रस्त महिलाओं के बच्चों को ऑटिज्म या मानसिक विकास पर असर डालनेवाली दूसरी बीमारियाँ होने का खतरा अधिक होता है.

अमरीका की कैलिफोर्निया डेविस युनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान टाइप टू डायबिटीज के कारण ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ने से भ्रूण के मस्तिष्क के विकास पर असर पड़ सकता है.

टाइप टू डायबिटीज प्रायः 40 की उम्र के बाद होता है मगर इन दिनों देखा जा रहा है कि अधिक वज़न वाले युवाओं में भी ये डायबिटीज हो रहा है.

टाइप टू डायबिटीज में शरीर इन्सुलिन तो बनाता है मगर वो या तो पर्याप्त नहीं होता या वो इन्सुलिन ठीक से काम नहीं कर पाता जिससे रक्त में प्रवाहित होनेवाला ग्लूकोज़ कोशिकाओं तक नहीं पहुँच पाता और रक्त में इसका स्तर बढ़ता जाता है.

वैसे ब्रिटेन में डायबिटीज के बारे में काम करनेवाली संस्था – डायबिटीज यूके – का कहना है कि इस बारे में अभी और शोध किए जाने की ज़रूरत है.

शोध

"इस बात का सामने आना, कि माँओं की इन शारीरिक स्थितियों का बच्चों के मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है चिंताजन है और जनस्वास्थ्य पर इसका गंभीर प्रभाव हो सकता है"

पॉला क्रैकोवियाक, युनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया डेविस

शोध के दौरान चिकित्सकों ने सात साल की अवधि में एक हजार बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य का अध्ययन किया. इन बच्चों की उम्र दो साल से पाँच साल के बीच थी.

शोध में पाया गया कि ऐसे बच्चों की माताएँ जिन्हें गर्भावस्था के दौरान टाइप टू डायबिटीज हुआ था, उनमें 9.3% बच्चों को ऑटिज्म हुआ.

11.6% बच्चों में ऐसा देखा गया कि उनके मानसिक विकास को प्रभावित करनेवाले लक्षण प्रकट होने लगे.

ये संख्या ऐसे बच्चों की तुलना में दोगुना थी जिनकी माताओं को ये बीमारी नहीं थी. सामान्य माताओं के मात्र 6.4% बच्चों के विकास पर कोई असर पड़ा.

ऐसे बच्चे जिन्हें ऑटिज्म या दूसरी अक्षमताएँ थीं, उनमें से 20% से ज़्यादा की माताएँ मोटी थीं. वहीं सामान्य बच्चों में से केवल 14% की माताएँ मोटी थीं.

शोध में कहा गया है कि अमरीका में माँ बनने की उम्र वाली 34% महिलाएँ मोटी हैं और लगभग 9% को डायबिटीज है.

अमरीका में ऑटिज्म के शिकार बच्चों में से 29% बच्चों की माताओं में गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज या उच्च रक्तचाप जैसी शिकायतें देखी गईं या वे मोटी थीं.

स्थिति

"ये ध्यान देना ज़रूरी है कि इस शोध में जहाँ ये दिखाया गया कि डायबिटीज़ और इन बीमारियों का संबंध हो सकता है, वहाँ ये नहीं बताया गया कि इनका जनक डायबिटीज़ ही है"

डॉ. मैथ्यू हॉब्स, डायबिटीज़ यूके

शोध में हाइपरटेंशन और ऑटिज्म के बीच संबंध की भी पड़ताल की गई.

ये देखा गया कि ऑटिज्म या दूसरी अक्षमताओं वाले बच्चों में माताओं को उच्च रक्तचाप होना काफी सामान्य था.

शोध दल की एक सदस्य पॉला क्रैकोवियाक ने कहा,"इस बात का सामने आना, कि माँओं की इन शारीरिक स्थितियों का बच्चों के मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है, चिंताजनक है और जनस्वास्थ्य पर इसका गंभीर प्रभाव हो सकता है."

मगर डायबिटीज यूके की शोध टीम के प्रमुख डॉक्टर मैथ्यू हॉब्स के अनुसार अभी इस बारे में निश्चित रूप से कुछ राय बनाने के लिए और शोध किए जाने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा,"ये ध्यान देना ज़रूरी है कि इस शोध में जहाँ ये दिखाया गया कि डायबिटीज और इन बीमारियों का संबंध हो सकता है, वहाँ ये नहीं बताया गया कि इनका जनक डायबिटीज ही है."

उन्होंने कहा कि वे डायबिटीज ग्रस्त महिलाओं को ये सलाह देती हैं कि वे माँ बनने के बारे में विचार करने के समय चिकित्सकों को अपनी स्थिति बताएँ जिससे कि उनके और उनके बच्चे के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उपायों को अपनाया जा सके.

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