जंगल में पंप किया जा रहा है कार्बन डाइऑक्साइड

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Image caption वैज्ञानिक कार्बन डाइ ऑक्साइड के बढ़ते स्तर का पेड़, मिट्टी और कीड़ों पर असर के बारे में जानना चाहते है.

कार्बन उत्सर्जन पर शोध के लिए ऑस्ट्रेलिया में एक जंगल का पूरी तरह से कायापलट कर दिया गया है.

जंगल में कई बड़े ढांचे लगाए गए है जो वहां पर कार्बन डाइ ऑक्साइड पंप करेंगे और इस प्रक्रिया का पेड़ों, मिट्टी और वन्यजीवों पर असर को देखा जाएगा.

माना जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया में हो रहा ये शोध किसी जंगल को केन्द्र में रखकर कार्बन डाई ऑक्साइड पर होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा शोध है.

बीबीसी संवाददाता डंकन केनेडी के अनुसार धातु के बने छह ढांचों को जंगल में कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस छोड़ने के लिए लगाया गया है.

शोध का उद्देश्य ये पता लगाना है कि साल 2050 तक प्रकृति में कार्बन उत्सर्जन का स्तर कहां तक पहुंचेगा.

पर्यावरण का भविष्य

हॉक्सबरी इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का कहना है कि वो जल्द से जल्द कार्बन डाइ ऑक्साइड के बढ़ते स्तर का पेड़, मिट्टी और कीड़ों पर असर के बारे में जानना चाहते है.

माना जा रहा है कि ये शोध कम से कम दल सालों तक चलेगा और इसमें करीब साढ़े छह करोड़ डॉलर का खर्च आएगा.

वैज्ञानिकों का कहना है कि एक तरफ जहां लोग बदलते पर्यावरण के बारे में चर्चा कर रहे है, ज्यादातर लोग ये मानते है कि कार्बन डाइ ऑक्साइड के स्तर में इजाफा हुआ है.

जांच दल इस शोध के जरिए भविष्य की परिस्थितियों का अनुमान लगाना चाहती है ताकि नीति निर्धारकों को पर्यावरण के अनुसार नीतियां बनाने की सलाह दी जा सके.

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