खोया खोया नहीं...बड़ा बड़ा चांद

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Image caption ब्राजील के रिओ शहर में चंद्रमा ने कुछ इस तरह अपनी छटा बिखेरी.

'महाचंद्रमा' या पूर्ण चंद्रमा की रोशनी से रविवार रात आसमान चमक उठा. धरती के करीब आने की वजह से चांद अपने आम तौर पर दिखने वाले आकार से कही ज्यादा बड़ा दिखा.

माना जा रहा है कि इस खगोलीय स्थिति में ज्वार-भाटा आ सकते है.

चांद की इस खगोलीय स्थिति को 'पेरिजी फुल मून' कहते है जिसमें चांद 14 फीसदी तक ज्यादा बड़ा दिखता है और 30 फीसदी तक अधिक चमकता है.

ब्रिटेन के रॉयल एस्ट्रोनॉमी सोसाइटी के डॉक्टर रोबर्ट मैसी का कहना है कि चंद्रमा की रोशनी से ज्यादा उसका बड़ा आकार रोमांचिक करता है.

उन्होंने कहा, ''हमारी आंखें रोशनी में आए बदलावों को झेल जाने में इतनी कारगर साबित होती है कि किसी तरह के बदलाव को पहचान पाना मुश्किल है.''

धरती से दूरी

अपने सर्वोच्च आकार में दिखने की भी स्थिति में भी चंद्रमा धरती से तीन लाख 56 हजार चार सौ किलोमीटर दूर होगा. आम तौर पर ये दूरी तीन लाख 84 हजार किलोमीटर की होती है.

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में चांद सेंट आइसैक गिरजाघर में लगी मूर्तियों के पीछे से उगता हुआ दिखा.

डॉक्टर मैसी ने कहा, ''जब चांद धरती से ज्यादा करीब होता है, तब समुद्र में ऊंचे ज्वार आने की संभावना बनी रहती है. ऐसा चांद की गुरूत्वाकर्षण शक्ति की वजह से होता है.''

उन्होंने कहा, ''चांद हमेशा ही सुंदर दिखता है और पूर्ण चंद्रमा नाटकीय.''

वैज्ञानिकों ने पेरिजी से किसी प्रकार की आपदा आने की संभावना का भी खंडन किया है.

धरती से चांद की दूरी घटने या बढ़ने के पीछे इसका अंडाकार कक्ष जिम्मेदार है.

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