छह में से एक कैंसर, संक्रमण से

Image caption संक्रमण से होनेवाले कैंसर को टीकाकरण और सुरक्षित इंजेक्शन लगाकर रोका जा सकता है.

एक नए शोध से पता चला है कि दुनिया में कैंसर के हर छह मामलों में से एक इलाज योग्य या रोकथाम योग्य संक्रमणों से विकसित होता है.

वैश्विक स्तर पर ऐसे कैंसर मरीजों की संख्या सालाना 20 लाख होती है.

लैंसेट के संक्रामक बीमारियों की समीक्षा रिपोर्ट में पाया गया है कि कैंसर के ऐसे मामले चार तरह के संक्रमण से विकसित होते हैं.

184 देशों में 27 तरह के कैंसर पर अध्ययन करने के बाद लैंसेट ने ये रिपोर्ट तैयार की है.

कैंसर के रूप में विकसित होनेवाले चार प्रमुख वायरस हैं - ह्यूमन पैपिल्लोमा, हेलिकोबैक्टर पायलरी, हेपाटिटिस बी और हेपाटिटिस सी वायरस.

ये वायरस विश्वभर में 19 लाख सर्विकल, आंत और लीवर का कैंसर पैदा करते हैं.

इनमें से ज्यादातर मामले विकासशील देशों में पाए जाते हैं.

फ्रांस की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के एक दल का कहना है कि कैंसर के ऐसे मामलों को विकसित होने से रोकने के लिए और ज्यादा प्रयास किए जाने की जरूरत है और साथ ही कैंसर को संक्रामक बीमारी के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए.

रोकथाम संभव

संक्रमण से होनेवाले कैंसर के मामले विकासशील देशों में तीन गुना ज्यादा पाए जाते हैं जैसे कि पूर्वी एशिया के देशों में ऐसे मामले 22.9 फीसदी हैं, जबकि ब्रिटेन जैसे विकसित देशों में 7.4 फीसदी हैं.

अध्ययन में ये बात भी सामने आई है कि संक्रमण से कैंसर के एक तिहाई मामले 50 साल से कम उम्र के लोगों में विकसित होते हैं.

महिलाओं में संक्रमण से होने वाले कैंसर के मामलों में आधी संख्या गर्भाशय के कैंसर की होती है जबकि पुरुषों में 80 फीसदी से ज्यादा लोग लिवर और पेट के कैंसर के शिकार हो जाते हैं.

इस शोध का नेतृत्व करनेवाले डॉक्टर कैथरीन डे मर्टेल और मार्टिन प्लमर का कहना है, ''कुछ निश्चित वायरस, बैक्टीरिया और परजीवियों से होनेवाले संक्रमण विश्वभर में होनेवाले कैंसर के सबसे बड़े और निदानयोग्य कारण हैं.''

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Image caption पेट के कैंसर के लिए हेलिकोबैक्टर पायलरी वायरस जिम्मेदार होता है.

"संक्रमण को रोकने के लिए जो मौजूदा जनस्वास्थ्य उपाय अपनाए जाते हैं जैसेकि टीकाकरण, सुरक्षित इंजेक्शन और सूक्ष्मजीवीरोधी इलाज, उनसे भविष्य में विश्वस्तर पर कैंसर के मरीज़ों की संख्या घटाई जा सकती है."

गर्भाशय के कैंसर के लिए जिम्मेदार ह्यूमन पैपिल्लोमा वायरस और लिवर कैंसर के लिए जिम्मेदार हेपाटिटिस बी वायरस से बचाव के लिए टीके उपलब्ध हैं. और विशेषज्ञ इस बात को जानते हैं कि अगर एच पायलरी के संक्रमण का इलाज कर दिया जाए तो पेट के कैंसर से बचाव किया जा सकता है.

ब्रिटेन के शोध संस्थान कैंसर रिसर्च यूके से जुड़ी जेसिका हैरिस कहती हैं, ''ये बहुत महत्वपूर्ण है विश्वभर में अधिकारी संक्रमण से जुड़े कैंसर के मामलों को घटाने की हर संभव कोशिश करें, खासतौर से तब जबकि इनमें से ज्यादातर संक्रमणों का इलाज किया जा सकता है. माना जाता है कि ब्रिटेन में होनेवाले तीन फीसदी कैंसर के मामलों के लिए संक्रमण ही जिम्मेदार होते हैं और ये संख्या हर साल 9,700 तक पहुंच जाती है.''

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