हवाई सफर में भी इंटरनेट की रफ्तार बढ़ेगी

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Image caption विमान में इंटरनेट की रफ्तार अब भी काफी कम है.

इंटरनेट आज कई लोगों के लिए जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. ईमेल, फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब के बिना उनकी जिंदगी अधूरी है.

लेकिन हर रोज नई उड़ान भर रही टेक्नॉलजी के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहे इन लोगों की जिंदगी मानों विमान में सफर करते वक्त थम जाती है.

वहां न ईमेल ठीक से काम करता है, न फेसबुक और न ही यूट्यूब.

यूं तो कई एयरलाइंस हवाई सफर के दौरान इंटरनेट मुहैया कराने का दावा करती हैं लेकिन सभी विमानों में ये सुविधा मिलने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है.

सुस्त रफ्तार

विमान में इंटरनेट मिलता भी तो हैं तो उसके लिए अकसर आपको ज्यादा दाम देने पड़ते हैं. इसके बाजवूद हवाई जहाज में वैसी स्पीड मिल पाना संभव नहीं जैसी जमीन पर मिलती है.

ब्रिटेन की टेलिकॉम कंसल्टिंग कंपनी मशीना रिसर्च के निदेशक मैट हटन कहते हैं, “अगर कोई सोचे कि वो हवाई सफर में घर की तरह वेब ब्राउजिंग कर सकता है, तो उसे निराशा ही होती है.”

हटन बताते हैं कि वो विमान में अपने दफ्तर के ईमेल देखने और भेजने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं लेकिन ‘सेंड’ बटन पर क्लिक करने के बाद भी कई मिनटों तक ईमेल उनके आउटबॉक्स में रहता है और फिर आखिरकार इंतजार के बाद भेजा जाता है.

'बेहतर होगा हवाई कनेक्शन'

लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि ये हालात जल्द बदल सकते हैं.

ब्रितानी उपग्रह दूरसंचार कंपनी इनमारसैट और वैश्विक विमानन आपूर्ति की सबसे बड़ी कंपनी अमरीका की हनीवेल के बीच हाल में एक समझौता हुआ है जिसके जरिए विमान में इंटरनेट कनेक्शन को बेहतर किया जाएगा.

इसके लिए इनमारसैट अगले तीन साल में पृथ्वी की कक्षा में तीन उपग्रह भेजेगी. इनमें से एक उपग्रह अगले साल ही भेजे जाने की योजना है.

कंपनी का कहना है कि 'ग्लोबल एक्सप्रेस' नाम की उसकी इस परियोजना में ग्लोबल कवरेज होगा और इससे सब जगह लंबी दूरी के हवाई सफर में सस्ते दामों पर तेज रफ्तार इंटरनेट वाई-फाई सेवा मुहैया कराई जाएगी.

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Image caption हवाई सफर के दौरान इंटरनेट की मांग बढ़ रही है.

हालांकि विमान में वाई-फाई की सुविधा नई नहीं है. वर्ष 2003 में विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने इंटरनेट की सुविधा वाला विमान उतारा. इसके लिए विमान में विशेष रिसीवर लगाए गए जो भू-स्थैतिक उपग्रह से तेज रफ्तार वाले सिग्लन प्राप्त करते थे.

लेकिन अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर विभिन्न एयरालाइंसों के लिए ये सुविधा हासिल कराना मुश्किल रहा.

इसके अलावा यात्रियों की भी हवाई सफर में इंटरनेट के लिए ज्यादा पैसा देने में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी, इसीलिए वर्ष 2006 में यह परियोजना ठप हो गई.

इंटरनेट की मांग बढ़ी

हाल के बरसों में हवाई सफर के दौरान वाई-फाई की मांग फिर बढ़ गई है.

बहुत सी एयरलाइंस अपने ग्राहकों की मांग को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती हैं.

वैसे इस बात को लेकर अब भी संदेह है कि आप जमीन से 36 हजार फीट की ऊंचाई पर अपने घर वाली स्पीड पर इंटरनेट इस्तेमाल कर पाएंगे.

कंसल्टिंग कंपनी फ्रोस्ट एंड सुलिवन के डियोगनिस पापियोमिटीस का कहना है कि ग्लोबल एक्सप्रेस निश्चित रूप से हवाई सफर के दौरान ब्रॉडबैंड कनेक्शन को ज्यादा तेज करेगा, लेकिन जरूरी नहीं कि ये पहले से सस्ता भी होगा.

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