किडनी दान: 83 की उम्र में

 शुक्रवार, 18 मई, 2012 को 13:47 IST तक के समाचार
निकोलस क्रेस

क्रेस को दूसरों की मदद करना बहुत अच्छा लगता है.

ब्रिटेन में 83 साल के एक बुजुर्ग ने अपना गुर्दा दान किया है. उन्हें ब्रिटेन में गुर्दा दान करने वाला सबसे उम्रदराज व्यक्ति बताया जा रहा है.

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) की ब्लड एंड ट्रांसप्लांट सर्विस के मुताबिक हैम्पाशायर में ओवरटन के रहने वाले निकोलस क्रेस ने जीवित रहते हुए इस उम्र में अपना गुर्दा दान किया है.

वो उस व्यक्ति से कभी नहीं मिल पाएंगे जिसे उनका दान किया गुर्दा लगेगा.

लेकिन क्रेस कहते हैं, “ये महसूस करके अच्छा लगता है कि इस उम्र में भी कोई किसी के काम आ सकता है.”

उनके डॉक्टरों का कहना है कि जीवित व्यक्ति के दान किए हुए अंग ज्यादा अच्छी तरह और तेजी से काम करते हैं और ज्यादा समय तक चलते हैं.

परोपकारी क्रेस

दोस्तों से मिलने-जुलने, बागवानी और लोगों की मदद करने के शौकीन क्रेस ने पिछले साल अपनी पत्नी ब्रिगिड की मौत के गुर्दा दान करने का फैसला किया.

"ये महसूस करके अच्छा लगता है कि इस उम्र में भी कोई किसी के काम आ सकता है."

निकोलस क्रेस, गुर्दा दान करने वाले बुजुर्ग

क्रेस बताते हैं कि 70 साल की उम्र पार करने की वजह से वो रक्त दान नहीं कर सकते हैं और जब उन्होंने अपनी अस्थि मज्जा दान के बारे में सोचा तो उसके लिए उम्र 40 वर्ष से भी कम होनी चाहिए.

लेकिन गुर्दा दान करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं थी. क्रेस कहते हैं, “मेरे जैसा बुजुर्ग आदमी भी गुर्दा दान कर सकता है.”

क्रेस के मुताबिक वो उन लोगों की पीड़ा से व्यथित थे जिन्हें गुर्दे की जरूरत होती है.

अंगदान

दुनिया भर में बहुत से मरीजों को दान किए हुए अंगों की जरूरत होती है.

क्रेस कहते हैं, “हफ्ते में चार दिन अस्पताल जाने के अलावा उन्हें बहुत ही संतुलित भोजन खाना होता है और वे ज्यादा सफर नहीं कर सकते. इस तरह वे बहुत मुश्किल जिंदगी जीते हैं और उनकी परेशानी को दूर करना बहुत आसान है. बस गुर्दा दान कीजिए.”

'उम्र से फर्क नहीं पड़ता'

क्रेस को एक दर्जन से भी ज्यादा बार अस्पताल जाकर ये जांच करानी पड़ी कि वो गुर्दा दान करने के लिए फिट हैं या नहीं.

उनका कहना है, “मैं नहीं समझता कि उम्र से कोई फर्क पड़ता है. महत्वपूर्ण बात ये है कि आप ऐसा करने के लिए स्वस्थ हैं या नहीं.”

क्रेस का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर सैम दत्ता कहते हैं, “यह बहुत ही अच्छी बात है कि इतनी उम्र के व्यक्ति अंगदान कर रहे हैं. इससे किसी और नई जिंदगी मिलेगी.”

एनएचएस ब्लड एंड ट्रांसप्लांट का कहना है कि ब्रिटेन में प्रत्यारोपित होने वाले अंगों में से एक तिहाई ऐसे होते हैं जो किसी जीवित व्यक्ति ने दान किए हैं.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.