हृदयरोगियों के लिए आशा की नई किरण

 बुधवार, 23 मई, 2012 को 16:00 IST तक के समाचार
दिल की बीमारी

ताजा शोध से हृदय रोग के इलाज के बेहतर तरीके तलाश किए जा सकते हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने एक मरीज की त्वचा की कोशिकाओं से ही स्वस्थ हृदय मांसपेशी कोशिकाएं बनाने में कामयाबी हासिल की है.

उन्हें उम्मीद है कि आगे चलकर इस स्टेम सेल थेरेपी को हृदय रोगियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

वैज्ञानिकों ने 'यूरोपीय हार्ट जनरल' को बताया कि प्रत्यारोपित कोशिकाएं खुद मरीज की होती है तो शरीर में ऊतकों को स्वीकार न किए जाने की समस्या से भी बचा जा सकता है.

जानवरों पर किए गए शुरुआती प्रयोग उत्साहजनक रहे हैं, लेकिन इसे इंसानों पर इस्तेमाल करने में अभी वर्षों लग सकते हैं.

डॉक्टर, हृदय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के अलावा मुधमेह, पार्किंसंस और अल्जाइमर्स जैसी बीमारियों के इलाज के लिए स्टेम सेल का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं.

"हमारे शोध के बारे में नई और उत्साहजनक बात ये है कि हमने यह साबित कर दिया है कि हृदय रोग से पीड़ित किसी उम्रदराज व्यक्ति की कोशिकाएं लेकर प्रयोगशाला में उसकी धड़कती हुई कोशिकाएं तैयार की जा सकती हैं, जो बिल्कुल नई और स्वस्थ होती हैं."

लियोर गैपस्टाइन, प्रमुख शोधकर्ता

स्टेम सेल बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उनमें अलग तरह की कोशिशकाओं में ढलने की क्षमता होती है और वैज्ञानिक ऐसे तरीके विकसित करने पर काम कर रहे हैं जिनसे क्षतिग्रस्त अंगों और ऊतकों की मरम्मत या उन्हें पुनर्जीवित किया जा सके.

नया और उत्साहजनक

ब्रिटेन में साढ़े सात लाख से भी ज्यादा लोगों का दिल काम करना बंद कर देता है यानी दिल दिल शरीर के विभिन्न हिस्सों तक रक्त नहीं भेज पाता है.

शोधकर्ता क्षतिग्रस्त हृदय मांसपेशियों को ठीक करने के तरीके तलाश रहे हैं.

ताजा अध्ययन में इसराइल में शोधकर्ताओं की एक टीम ने ऐसे दो लोगों की त्वचा कोशिकाएं लीं जिनके हृदय की गति रुक गई थी. उन्होंने इन कोशिकाओं को प्रयोगशाला में जीन्स और रसायनों के साथ मिलाया और उनसे स्टेम सेल इलाज का तरीका निकाला.

हृदय रोगी

दुनिया भर में हृदय रोगियो की तादाद बढ़ रही है.

वैज्ञानिकों ने जो कोशिकाएं तैयार कीं, वे बिल्कुल स्वस्थ हृदय मांसपेशी कोशिकाओं जैसी ही हैं. जब इन धड़कती कोशिशकाओं को एक चूहे में प्रत्यारोपित किया गया, तो उन्होंने आसपास मौजूद हृदय ऊतकों से जुड़ना शुरू कर दिया.

लंबा सफर

शोधकर्ताओं की इस टीम के प्रमुक लियोर गैपस्टाइन कहते हैं, “हमारे शोध के बारे में नई और उत्साहजनक बात ये है कि हमने यह साबित कर दिया है कि हृदय रोगी किसी उम्रदराज व्यक्ति की कोशिकाएं लेकर प्रयोगशाला में उसकी धड़कती हुई कोशिकाएं तैयार की जा सकती हैं, जो बिल्कुल नई और स्वस्थ होती हैं.”

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के डॉ. माइक नेपटन का कहना है, “ये उम्मीद जगाने वाला अध्ययन है. हालांकि इसे इंसानों पर इस्तेमाल करने से पहले लंबा सफर तय करना होगा.”

गेपस्टाइन कहते हैं कि ये बहुत बड़ा काम है जिसमें बहुत से लोगों, बहुत सी अध्ययन शाखाओं की कोशिशों की जरूरत है. उम्मीद है कि इस कोशिश में उद्योग जगत भी शामिल होगा क्योंकि इन्हें औद्योगिक स्तर पर भी तैयार किया जाएगा और इस इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अच्छे खासे निवेश की भी जरूरत होगी.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.