ऑपरेशन से पैदा हुए बच्चे हो सकते हैं मोटे

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Image caption शोध में कहा गया है कि बच्चे के वजन का संबंध उसके जन्म के तरीके से है

अमरीकी शोधकर्ताओं का कहना है कि कुदरती तरीके के बजाए ऑपरेशन के जरिए जन्म लेने वाले शिशुओं में जरूरत से ज्यादा मोटा होने का खतरा दो गुना ज्यादा होता है.

मेसाचुसेट्स स्थित बोस्टन चिल्ड्रन हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि तीन साल की उम्र तक आते-आते इन बच्चों पर चर्बी चढ़ना शुरु हो जाता है.

शोध दल का कहना है कि हो सकता है कि चीरफाड़ की वजह से उस बैक्टीरिया पर असर पड़ता हो जिसका संबंध भोजन के पाचन से होता है.

शोधकर्ताओं ने वर्ष 1999 से वर्ष 2002 के दौरान 1255 मां-बच्चों का अध्ययन किया.

इन माताओं पर शोध तभी शुरू कर दिया गया था जब उनका गर्भ 22 हफ्तों का भी नहीं था.

जन्म के फौरन बाद शिशु का वजन किया गया. शिशु जब तीन वर्ष का हो गया, उसका वजन दोबारा किया गया.

जन्म का तरीका

शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रत्येक चार में से एक बच्चे का जन्म ऑपरेशन के जरिये हुआ.

बच्चे का जन्म कुदरती तरीके से हुआ या ऑपरेशन से, इसक सीधा संबंध बच्चे के वजन और उसकी त्वचा के मोटेपन से पाया गया.

शोधकर्ताओं ने ये भी पाया कि ऑपरेशन के जरिये बच्चों को जन्म देने वाली महिलाओं का वजन अपेक्षाकृत ज्यादा तेजी से बढ़ता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को इस बारे में बताया जाना चाहिए कि ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म देने पर बच्चे के मोटे होने का खतरा ज्यादा होता है.

ब्रिटेन में पैदा होने वाले बच्चों में से 23 प्रतिशत से भी ज्यादा शिशुओं का जन्म ऑपरेशन के जरिए होता है.

रॉयल कॉलेज के प्रवक्ता पैट्रिक ओब्रियन का कहना है, ''ये एक रोचक अध्ययन है, लेकिन इसमें जितने मामलों की पड़ताल की गई, उनकी संख्या कम है. इस अध्ययन को अपेक्षाकृत ज्यादा लोगों पर आजमाने की जरूरत है.''

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