आपके अत्याधुनिक एंड्रॉयड की आसानी से हैकिंग संभव...

एंड्रॉयड
Image caption इन फ़ोनों का इस्तेमाल एक डिजिटल वॉलेट या इलेक्ट्रौनिक टिकट की तरह भी किया जाता है.

एक मंझे हुए हैकर ने दिखाया है कि कितनी आसानी के साथ 'नीयर फील्ड कम्युनिकेशन' या एनएफ़सी के नाम से पहचानी जाने वाली एक तकनीक के ज़रिए स्मार्ट फ़ोन को हैक किया जा सकता है.

चार्ली मिलर नाम का यह हैकर, हैक किए हुए फ़ोनों को उन वेबसाइटों पर ले गया जहाँ भिन्न भिन्न किस्म के हमलावर सॉफ्टवेयर मौजूद हैं.

इन वेबसाइटों की मदद से मिलर ने इन फ़ोनों के भीतर छिपी जानकारी को हथिया लिया.

एनएफ़सी एक ऐसी तकनीक है जो ज़्यादातर स्मार्ट फ़ोनों में मौजूद रहती है क्योंकि इन फ़ोनों का इस्तेमाल एक डिजिटल वॉलेट या इलेक्ट्रॉनिक टिकट की तरह भी किया जाता है.

मिलर एक सॉफ्ट वेयर सुरक्षा फर्म एक्युवेंट में सलाहकार का काम करते हैं. उन्होंने अपने कारनामे का प्रदर्शन लास वेगास के ब्लैक हैट हैकर कॉन्फ्रेंस में किया.

फोन पर कब्ज़ा

अपने प्रदर्शन के दौरान मिलर ने सैमसंग के अत्याधुनिक 'नेक्सस एस', गूगल के 'गैलेक्सी नेक्सस' और नोकिया के 'एन 9' फोन को हैक कर के दिखाया.

फ़ोनों पर आक्रमण करने के लिए मिलर ने एक सॉफ्टवेयर लिखा है जो उस फ़ोन में मौजूद उस रीडर टैग पर कब्ज़ा कर लेता है जो एनएफ़सी के साथ मिल कर काम करता है.

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जैसा की नाम से ज़ाहिर है एनएफ़सी उस वक़्त काम करता है जब इसे इसके नज़दीक किसी दूसरे उपकरण या रीडर टैग को लाया जाता है.

प्रदर्शन के दौरान अपने बनाए हुए खास चिप के ज़रिये उन्होंने इन फ़ोनों में मौजूद एक ख़ास फीचर 'एंड्रॉयड बीम' पर कब्ज़ा कर लिया. एंड्रॉयड बीम के ज़रिये फोन पास ही मौजूद दूसरे फ़ोनों को संदेश भेजता है.

मिलर ने अपने शोध के दौरान पाया की इस एंड्रॉयड बीम पर कब्ज़ा कर वह किसी भी फ़ोन को ऐसी वेबसाईट से जोड़ सकते हैं जहाँ उसकी भीतर जमा जानकारी को हथियाया जा सके.

नोकिया फ़ोन पर काबू कर के मिलर ने ना केवल एसएमएस संदेश भेज डाले बल्कि कॉल तक कर डाले.

मिलर ने कहा कि किसी फ़ोन को हैक करने के लिए ज़रुरी है कि वो एंड्रॉयड के एक खास सॉफ्टवेयर पर चल रहा हो और उसकी स्क्रीन खुली हुई हो.

नोकिया कंपनी ने कहा है कि वह मिलर के दावों की जाँच कर रही है.

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