ऑर्गैनिक भोजन सेहत की गांरटी नहीं

 बुधवार, 5 सितंबर, 2012 को 19:10 IST तक के समाचार

एक शोध के मुताबिक ऑर्गैनिक या जैविक खाद्य पदार्थ खाने से सेहत पर खास असर नहीं पड़ता

ऑर्गैनिक या जैविक खाद्य पदार्थ खाने से सेहत पर असर नहीं पड़ता है. लेकिन इससे आपके भोजन में कीटनाशकों की मात्रा ज़रूर कम हो जाती है.

अमरीका के स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता, ऑर्गैनिक और नॉन-ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थों के तत्वों और उनसे जुड़े स्वास्थ्य लाभों पर 200 से ज़्यादा अध्ययनों की जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंचे.

शोधकर्ताओं ने पाया कि कुल मिलाकर, जैविक और अजैविक खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता में कुछ ख़ास फ़र्क नहीं है, हालांकि ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थों में कीटनाशक होने की संभावना 30 प्रतिशत तक कम थी.

लेकिन आलोचकों का कहना है कि ये नतीजे अधूरे हैं और उन्होंने इस विषय में और अध्ययन करने की बात कही है.

समान पोषण

ये शोध ऐनल्स ऑफ़ इंटरनल मेडिसिन में छपा है. इसमें ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थ खाने वाले लोगों की तुलना नॉन-ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थ खाने वाले लोगों से की गई थी. साथ ही इसमें 223 ऐसे अध्ययन भी शामिल थे जिनमें इन दोंनो वर्गों के फल, सब्ज़ी, दूध, अंडे जैसे खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों, बैक्टीरिया, फंगस और कीटनाशकों की भी तुलना की गई थी.

"उपभोक्ता कई कारणों से ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थ चुनते हैं लेकिन इस ताज़ा समीक्षा साबित करती है कि मौजूदा समय में ऑर्गैनिक और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के पोषण और स्वास्थ्य लाभों में कोई ख़ास फ़र्क नहीं हैं. "

प्रोफ़ेसर ऐलन डैंगुर, लंदन स्कूल ऑफ़ हायजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन

इंसानों पर अधिकतम दो साल तक अध्ययन किए गए जिससे लंबे समय के लिए नतीजे निकालना नामुमकिन था. और सभी प्रमाण अपेक्षाकृत कमज़ोर और बेहद परिवर्तनशील थे.

जांच में दोंनो वर्गों के फल और सब्ज़ियों में विटामिन और दूध में प्रोटीन और वसा की समान मात्रा पाई गई. हालांकि कुछ अध्ययनों के मुताबिक ऑर्गैनिक दूध में ओमेगा-3 की अधिक मात्रा होती है.

हालांकि ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थों में नाइट्रोजन की अधिक मात्रा पाई गई लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि इसकी वजह अलग उर्वरक का इस्तेमाल हो सकता है जिससे किसी तरह स्वास्थ्य लाभ मिलना ज़रूरी नहीं है.

इस शोध के नतीजे ब्रिटेन की फ़ूड्स स्टैंडर्ड्स संस्था के उन नतीजों को साबित करते हैं जो कुछ वर्ष पहले ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थों के फ़ायदों के दावों की समीक्षा के बारे करवाई गई थी.

ऑर्गैनिक ही क्यों?

फ़ूड्स स्टैंडर्डस संस्था को वो अध्ययन लंदन स्कूल ऑफ़ हायजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन संस्था के प्रोफ़ेसर ऐलन डैंगुर ने किया था.

प्रोफ़ेसर डैंगुर का कहना था, "उपभोक्ता कई कारणों से ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थ चुनते हैं लेकिन इस ताज़ा समीक्षा साबित करती है कि मौजूदा समय में ऑर्गैनिक और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के पोषण और स्वास्थ्य लाभों में कोई ख़ास फ़र्क नहीं हैं. उम्मीद करते हैं कि ये नतीजे उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी साबित होंगे."

स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के इस मौजूदा अध्ययन की मुख्य शोधकर्ता, डा. क्रिस्टल स्मिथ-स्पैंग्लर का कहना था कि ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थ चुनने के पीछे जानवरों के हित और पर्यावरण की चिंता सहित कई कारण हो सकते हैं.

उनका कहना था, "कुछ लोग मानते हैं कि ऑर्गैनिक भोजन ज़्यादा स्वस्थ और पोषक होता है. हमें हैरानी हुई कि हमने अपने अध्ययन में ऐसा कुछ नहीं मिला. अगर आप एक वयस्क हैं और अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर भोजन के बारे फ़ैसले करते हैं, तो ऑर्गैनिक और पारंपरिक पदार्थों में कुछ ख़ास फ़र्क नहीं है."

लेकिन सॉयल ऐसोसिएशन के मुताबिक इस अध्ययन में कमियां हैं.

संस्था के मुताबिक, "ब्रिटेन की एक समीक्षा में सही सांख्यिकी तरीकों का इस्तेमाल कर देखा गया है कि इस अमरीकी अध्ययन में ऑर्गैनिक और नॉन-ऑर्गैनिक खाद्य पदार्थों में पौष्टिक तत्वों की मात्रा में जो फ़र्क पाया गया, वो काफ़ी महत्वपूर्ण है."

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