मछली के तेल से धीमी होगी उम्र की रफ़्तार

 शुक्रवार, 7 सितंबर, 2012 को 21:26 IST तक के समाचार
मछली का तेल

एक नए अध्ययन से संकेत मिला है कि हल्के-फुल्के व्यायाम के साथ मछली के तेल के नियमित सेवन से बढ़ती उम्र की रफ्तार धीमी की जा सकती है.

हालिया शोध से पता चलता है कि मछली के तेल में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसि़ड ज्यादा उम्र वाली महिलाओं की मांसपेशियां को भी मजबूती प्रदान करता हैं.

जैतून के तेल का इस्तेमाल करने वालों के मुकाबले मछली का तेल खाने वालों की मांसपेशियों में ज्यादा मजबूती पाई गई. ये शोध अपेक्षाकृत कम लोगों पर हुआ है और इसके नतीजों की पुष्टि के लिए अब इसे ज्यादा लोगों पर आजमाने की योजना है.

एबरडीन में ब्रिटिश साइंस फेस्टिवल में इस शोध के नतीजों को पेश किया गया है.

मांसपेशियों में सिकुड़न

कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि मछली के तेल में आमतौर पर पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, जैसे इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम हो जाता है.

उम्र बढ़ने और तबीयत गड़बड़ाने के साथ मांसपेशियों के आकार में सालाना 0.5 प्रतिशत से दो प्रतिशत तक की कमी आ जाती है. इस प्रकिया को 'सार्कोपेनिया' कहा जाता है.

ब्रिटेन में इससे पीड़ित लोगों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन अमरीकी आंकड़ों से पता चलता है कि 50 से 70 वर्ष के 25 प्रतिशत लोगों में ये समस्या होती है.

एबरडीन यूनिवर्सिटी के डॉक्टर स्टुअर्ट ग्रे के मुताबिक इसका निदान या उपचार बड़ा खर्चीला है. वे कहते हैं, ''अमरीका में स्वास्थ्य सेवाओं के कुल बजट का लगभग 1.5 प्रतिशत बजट सार्कोपेनिया संबंधी मुद्दों पर खर्च किया जाता है.''

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