फ़ेसबुक:मैसेज का सार्वजनिक होना 'अफ़वाह'

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Image caption मैसेज सार्वजनिक होने की अफ़वाह, जो शायद फ्रांस से शुरु हुई, बहुत जल्द सोशल मीडिया पर छा गई.

सोशल मीडिया वेबसाइट फ़ेसबुक ने लोगों के निजी संदेश या मैसेज सार्वजनिक तौर पर उनके टाइमलाइन में दिखने की अफ़वाह को ग़लत बताया है.

कुछ फ़ेसबुक यूज़र्स यानी इसे इस्तेमाल करने वाले लोगों ने कहा था कि वर्ष 2007 से 2009 के बीच भेजे गए 'निजी संदेश' अचानक सार्वजनिक हो गए हैं. शिक़ायत करने वालों में ज़्यादातर फ्रांस के लोग थे.

लेकिन फ़ेसबुक ने बीबीसी को बताया, "दरअसल ये संदेश पुरानी वॉल पोस्ट थे जो हमेशा से यूज़र्स के पन्नों पर दिखाई देते रहे हैं."

फ़ेसबुक में संदेश, मैसेज के ज़रिए भेजे जा सकते हैं जिन्हें भेजने वाले और पाने वाले व्यक्ति या समूह के अलावा कोई और नहीं देख सकता. जबकि वॉल या टाइमलाइन पर लिखे गए संदेश सार्वजनिक होते हैं.

'गोपनीयता का उल्लंघन नहीं'

संदेशों के सार्वजनिक होने वाली अफ़वाह के संदर्भ में कंपनी ने कहा, "फ़ेसबुक पूरी तरह संतुष्ट है कि किसी तरह से गोपनीयता का उल्लंघन नहीं हुआ है."

एक और कंपनी सूत्र ने बीबीसी को बताया कि इंजीनियरों के मुताबिक इस तरह से वॉल पोस्ट और निजी संदेशों की अदला-बदली की "कोई संभावना ही नहीं है."

इस सूत्र ने कहा कि अब तक ऐसी "तकनीक ही नहीं बनी है" जिससे किसी यूज़र का निजी संदेश उसकी वॉल या टाइमलाइन पर दिखाई दे.

उसने ये भी कहा कि इसी तरह की अफ़वाहें वर्ष 2011 में भी उड़ी थीं लेकिन "गहन जांच" के बाद वो ग़लत निकली.

लेकिन फ़ेसबुक के इस वक्तव्य के बावजूद इस सोशल मीडिया को इस्तेमाल करने वाले कई लोगों ने बताया कि उन्हें पुरानी निजी सामग्री दिखाई दे रही है.

फै़शन सोशल नेटवर्क 'वॉट आई वोर टुडे' की मालिक पॉपी डिज़नी ने लिखा, "मेरी वॉल पर संदेश दिखाई दे रहे हैं जो निश्चित तौर पर निजी संदेश हैं. वर्ष 2006 से 2012 तक के संदेश ! इन संदेशों के मसौदों और अपनी याददाश्त से मुझे 100 प्रतिशत यकीन है कि ये मैसेज हैं."

शेयर कीमतों में गिरावट

दूसरी तरफ़, अमरीका की वित्त मामलों की पत्रिका बैरन के ये कहने के बाद कि फ़ेसबुक के एक शेयर की कीमत सिर्फ़ 15 डॉलर है, कंपनी के शेयरों में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई.

फ़ेसबुक के एक शेयर का मौजूदा फ़्लोटेशन मूल्य इस समय 38 डॉलर है. दिन ख़त्म होने तक वॉल स्ट्रीट पर कंपनी का शेयर 9.1 प्रतिशत नीचे, 20.79 डॉलर पर बंद हुआ.

बैरन में लिखा था, "मई में 38 डॉलर पर खुले फेसबुक का शेयर 40 प्रतिशत गिर चुका है जिसकी वजह से निवेशक एक ही सवाल पूछ रहे हैं: क्या इसे खरीदना चाहिए? एक शब्द में इसका जवाब है 'नहीं'."

पत्रिका में आगे लिखा था, "इसके शेयर की कीमत क्या है? शायद सिर्फ़ 15 डॉलर."

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