गूगल न होता तो.....

  • 27 सितंबर 2012

इंटरनेट की दुनिया में गूगल के नाम से कोई अनजान नहीं है. हालांकि गूगल को आए सिर्फ 14 साल हुए है लेकिन इसका महत्व काफी बढ़ गया है.

इसकी शुरुआत 14 साल पहले इसी दिन हुई थी. लेकिन अगर गूगल नहीं होता तो क्या होता ? यहीं सवाल बीबीसी हिंदी सेवा ने फ़ेसबुक पर अपने पाठकों से पूछा तो अलग अलग राय सामने आईं.

बीबीसी हिंदी के फेसबुक पन्ने पर लोगों ने जमकर टिप्पणियां की हैं जिसमें से हम आपके लिए कुछ टिप्पणियां लाए हैं.

विवेक कुमार कहते हैं कि गूगल के बिना इंटरनेट की दुनिया अधूरी हो जाती लेकिन शाहिद अली लिखते है कि अगर गूगल नहीं होता तो कुछ और होता यानि कोई और विकल्प होता तो गूगल का काम कर रहा होता.

सचिन कुमार दूसरा विकल्प सुझाते है उनका कहना है कि अगर गूगल नहीं होता तो वे बिंग का इस्तेमाल करते.

दुनिया छोटी

अंजू नेहा जायसवाल अपनी टिप्पणी में कहती हैं अगर गूगल नहीं होता तो लोगों को कोई जानकारी ही नहीं मिल पाती.

वो कहती हैं, '' अगर गूगल नहीं होता तो हमें दुनिया की तमाम जानकारियां नहीं मिल पाती. हम रोज़गार समाचारों के बारे में ताज़ा जानकारी नहीं पा सकते थे और प्रतियोगी परिक्षाओं के बारे में जानकारी हासिल कर पाते.''

अभिषेक कुमार रंजन लिखते है कि गूगल ने दुनिया को छोटा कर दिया है. जबकि वहीं अमरनाथ पासवान के अनुसारजिदंगी के लिए जिस तरह जल और वायु महत्वपूर्ण है वैसे ही सूचना देने में गूगल अहम हो गया है.

व्रिजभूषण तिवारी का मानना है कि अगर गूगल नहीं होता तो जानकारी रखने के लिए एक मोटी डायरी रखनी पड़ती. लेकिन दुंगर दान बिथु गूगल से थोड़े नाराज़ दिखते हैं.

वो कहते हैं, '' गूगल ने लोगों को सुविधा दी तो है लेकिन कहीं न कहीं अपना गुलाम भी बना लिया है.यदि आज गूगल नहीं होता तो हम चैन की बंसी बजा रहे होते.''

सुतंतर पाल ने पोस्ट किया है कि गूगल न होता तो हमारी जानकारी सीमित हो जाती और हमारे लिए जिंदगी मुश्किल हो जाती.

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