जलवायु परिवर्तन: 'छोटी हो जाएंगी' बड़ी मछलियाँ

  • 1 अक्तूबर 2012
मछलियाँ
Image caption वैज्ञानिकों का कहना है कि आकार घटने का संबंध ऑक्सीजन से होगा

जलवायु परिवर्तन की वजह से होने वाले नुकसान पर किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि आने वाले कुछ दशकों मे पूरे संसार में मछली की प्रजातियों का आकार आश्चर्यजनक तरीके से घट सकता है.

पत्रिका 'नेचर क्लाइमेट चेंज' में छपे इस अध्ययन में वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते मछलियों का आकार 24 फीसदी तक घट सकता है.

अध्ययनकर्ताओं ने इसके लिए मछलियों की छह सौ से अधिक प्रजातियों पर शोध किया. उन्होंने 2001 से लेकर 2050 तक होने वाले संभावित परिवर्तनों की व्याख्या की.

वैज्ञानिकों का कहना है कि गरम होते समुद्र के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाएगी. मछलियों को इस पानी में जिंदा रहने के लिए ज्यादा ऑक्सीजन की जरुरत पडेगी और इसकी वजह से उनके शरीर का माँस और आकार घट सकता है.

घटती ऑक्सीजन

ब्रिटिश कोलंबिया विश्विद्यालय के डॉक्टर विलियम चेंग का कहना है कि पानी में ऑक्सीजन की मात्रा एक पैमाना है.

उनका कहना है, “पानी का बढ़ता तापमान सीधे तौर पर मछली के शरीर की मेटाबॉलिज्म यानि उपापचय क्रिया की दर को बढ़ा देगा. इससे शरीर में ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाएगी. कम ऑक्सीजन की आपूर्ति के चलते उसके शरीर का आकार भी घट जाएगा.”

वैज्ञानिको का तर्क है कि ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन का प्रभाव जलीय जीवों के इकोसिस्टम यानी परितंत्र पर उम्मीद से कहीं ज्यादा पड़ेगा.

हांलाकि,इससे पहले के अध्ययन में कहा गया था कि समुद्ग के बढ़ते तापामान का असर मछलियों की तमाम प्रजातियों की प्रजनन क्षमता पर पड़ेगा पर इस नए अध्ययन के मुताबिक उनके आकार पर भी काफी असर पड़ेगा.

इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने एक मॉडल बनाया ताकि ये देखा जा सके कि मछलियां पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने पर उनका बर्ताव कैसा रहता है.

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