अब सॉफ्टवेयर बताएगा, कहां कितना प्रदूषण

 रविवार, 14 अक्तूबर, 2012 को 18:49 IST तक के समाचार

अमरीकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है जिससे गली, मुहल्ले से लेकर आपके मकान तक से उत्सर्जित होने वाले कार्बन का पता आसानी से लगाया जा सकेगा.

इस सॉफ्टवेयर की पूरी जानकारी पर्यावरण विज्ञान एवं तकनीक नाम के एक अख़बार में छपी है.

शोधकर्ता मानते हैं कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से उस इलाके की खोज आसान हो जाएगी जहां से सबसे ज्यादा कार्बन गैस उत्सर्जित हो रही है.

एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस सिस्टम को ‘हेस्टिया’ नाम दिया है.

कैसे काम करता है हेस्टिया ?

शोधकर्ताओं का मानना है कि इस सिस्टम के जरिए सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके को ढूंढ पाना काफी आसान होगा.

शोधकर्ताओं ने इस शोध के लिए कई तरह के डाटा का इस्तेमाल किया जिनमें प्रदूषण विभाग, ट्रैफिक काउंट्स, टैक्स ऑफिस आदि से लिए गए आंकड़ों को शामिल किया गया.

दरअसल, ये एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो आपके मकान में भी उत्सर्जित हो रहे कार्बन की जानकारी दे देता है.

ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदूषण को मापने के लिए कोई ऐसा सिस्टम बनाया गया है जिससे किसी भी जगह में उत्सर्जित हो रहे कार्बन गैस को मापा जा सकेगा.

शोध का हिस्सा रहे वैज्ञानिकों का मानना है कि 'हेस्टिया' की मदद से गांव-गांव, शहर-शहर या फिर मोहल्ला-मोहल्ला जाकर प्रदूषण का स्तर जांचा जा सकता है.

इस तरह से राष्ट्रीय स्तर पर एक डेटा तैयार हो जाएगा जिससे संबंधित इलाके में प्रदूषण की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे.

वैज्ञानिकों का कहना है कि उन शहरों के लिए ये खासतौर से काफी उपयुक्त है जहां सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन हो रहा है.

ये सिस्टम ना सिर्फ उत्सर्जन का पता लगाएगा बल्कि उससे पड़ने वाले असर को भी बताएगा.

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