एक ग्रह जिसपर चार बार होता है सूर्योदय!

अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले दो शौकिया वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ग्रह की खोज की है जिस पर चार सूर्य मौजूद है.

इनमें से दो सूर्य ग्रह की कक्षा में मौजूद हैं और दो सूर्य इस ग्रह का चक्कर लगा रहे हैं.

यह ग्रह पृथ्वी से 5000 प्रकाश वर्ष दूर है और माना जा रहा है कि आकार में पृथ्वी से छह गुना बड़ा है.

अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चार सूर्य मौजूद होने के बावजूद इस ग्रह का गुरुत्वाकर्षण प्रभावित क्यों नहीं होता.

शौकिया वैज्ञानिकों ने 'प्लैनेटहंटर्स वेबसाइट' की मदद से इस ग्रह की खोज की. इसके बाद केक प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों ने इस खोज को आगे बढ़ाया.

इस ग्रह को पीएच1 का नाम दिया है. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े क्रिस लिनटॉट के मुताबिक, ''इस ग्रह पर मौजूद सूर्य रुपी चार तारे इसके गुरुत्वाकर्षण को बेहद जटिल बनाते हैं.इसके बाद भी यह ग्रह और इसके सूर्य अरनी कक्षा में चक्कर लगा रहे हैं.''

वैज्ञानिकों का कहना है यह खोज इस मायने में अपने आप में अनूठी है और वो इस जटिल प्रक्रिया को देखकर बेहद हैरान हैं.

लिनटॉन के मुताबिक तारों और ग्रहों की खोज में लगे कंप्यूटर इस ग्रह के बारे कोई जानकारी नहीं दे पाए. यह इस बात का संकेत देता है कि ऐसे बहुत से और ग्रह भी मौजूद हो सकते हैं जिनकी खोज के लिए वैज्ञानिकों या शौकिया खोजकर्ताओं को आगे आना होगा.

जिस वेबसाइट के ज़रिए इस ग्रह की खोज की गई है वो कई शोकिया वैज्ञानिकों के लिए ब्रह्मांड संबंधी अपनी जानकारियों और तारों की खोज के हुनर को आजमाने का ज़रिया है.

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