बिना दिल के ज़िंदा रहे छह महीने

 गुरुवार, 18 अक्तूबर, 2012 को 00:04 IST तक के समाचार
man witout heart, बिना दिल वाला व्यक्ति

हालिक दो प्लास्टिक पंपों वाले कृत्रिम हृदय के साथ जी रहे थे.

चेक गणराज्य के जबुक हालिक छह महीने से भी ज्यादा समय तक बिना दिल के जीवित रहे. लेकिन लीवर नाकाम हो जाने से उनकी मौत हो गई.

37 वर्षीय हालिक का दिल इसी साल अप्रैल में डॉक्टरों को उस समय निकालना पड़ा जब उनके शरीर में कैंसर का तेजी से बढ़ता हुआ एक ट्यूमर पाया गया.

दिल की जगह डॉक्टरों ने उन्हें एक कृत्रिम दिल लगाया जो दो मैकेनिकल पंपों पर आधारित था.

इस अनूठे प्रत्यारोपण से हालिक की जिंदगी ठीक ठाक ही चल रही थी कि अचानक उनका लीवर फेल हो गया और उनकी मौत की वजह बना.

पेशे से दमकल कर्मी रहे हालिक को ऐसे व्यक्ति की तलाश थी जो उन्हें अपना हृदय दान कर सके.

अनूठी सर्जरी

हालिक कृत्रिम दिल के साथ अच्छी तरह घूम फिर सकते थे. यहां तक कि वो अस्पताल के जिम में कसरत भी करते थे.

लेकिन अपने दिल को चलाने के लिए उन्हें हमेशा अपने साथ बैटरी रखनी पड़ती थी क्योंकि वो अपने आप नहीं धड़कता था.

इससे पहले हालिक किसी का दान किया हुआ दिल स्वीकार नहीं कर सकते थे क्योंकि कैंसर होने के कारण वो सफल प्रत्यारोपण के बाद जरूरी दवाएं नहीं ले सकते थे.

"मुझे अहसास भी नहीं होता है क्योंकि शरीर बिल्कुल सामान्य तौर पर काम कर रहा है. सिर्फ मेरा दिल धड़कता नहीं है."

हालिक का अगस्त में दिया गया बयान

हालिक के अलावा कृत्रिम हृदय प्रत्यारोपण की सर्जरी अमरीका के टेक्सस में सिर्फ एक और व्यक्ति पर आजमाई गई है जो सिर्फ एक हफ्ते तक ही जीवित रह पाया.

हालिक का ऑपरेशन प्राग में 'इंस्टीट्यूट ऑफ क्लीनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन' में हृदय रोग विभाग के निदेशक जान पिर्क ने किया था.

उनकी टीम ने दो प्लास्टिक के पंपों का इस्तेमाल किया जिन्हें दिल के बाएं और दाएं हिस्से की तरह काम करने के लिए तैयार किया गया था.

'बस धड़कता नहीं है दिल'

इस सर्जरी के चार महीने बाद अगस्त में हालिक ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा कि शारीरिक रूप से वो बहुत अच्छा महसूस करते हैं. हालिक को लगता था कि उन्होंने कृत्रिम दिल लगवाने का फैसला करके अच्छा किया.

उन्होंने कहा था, “ये मेरे लिए बहुत मुश्किल था लेकिन मेरे पास और कोई विकल्प भी नहीं था. मुझे पता था कि इस ट्यूमर के साथ मैं लगभग एक साल तक ही जीवित रह पाऊंगा और मैंने इससे लड़ने का फैसला किया.”

उन्होंने कहा था कि दिल के बिना जीना मुश्किल नहीं है.

हालिक ने कहा था, “मुझे अहसास भी नहीं होता है क्योंकि शरीर बिल्कुल सामान्य तौर पर काम कर रहा है. सिर्फ मेरा दिल धड़कता नहीं है.”

डॉक्टरों ने कहा है कि ये अभी साफ नहीं है कि हालिक का लीवर कैसे नाकाम हुआ. वो पोस्ट मॉर्टम की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.

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