औसत आयु तो बढ़ी, पर बीमारी सौगात में मिली

Image caption विकासशील देशों में बीमार होने की बड़ी वजह है धूम्रपान

दुनियाभर में लोगों की औसत आयु तो बढ़ गई है लेकिन लोग बड़ी तेज़ी से बीमार होने लगे हैं.

लैंसेट जर्नल ने अपने अध्ययन में पाया है कि शराब और सिगरेट के सेवन के चलते बीमार होने की प्रवृति बढ़ी है. हालांकि, लैंसेट के इस अध्ययन पर कुछ विश्लेषकों ने आपत्ति भी जताई है.

विश्लेषकों का मानना है कि अध्ययन में जिन दस्तावेज़ों को आधार बनाया गया है, वो कमज़ोर हैं.

अध्ययन

पांच साल तक चले इस अध्ययन में तकरीबन 500 लेखकों को भी शामिल किया गया.

अध्ययन में पाया गया कि दुनियाभर में हर चार में से एक व्यक्ति की मौत, दिल से जुड़ी बीमारी की वजह से हुई.

यानी साल 2010 में दुनिया भर में एक करोड़ 30 लाख लोगों की मौत इसी वजह से हुईं.

अध्ययन के मुताबिक, इसी साल 10 लाख 50 हजार लोग सिर्फ एचआईवी एड्स की वजह से मारे गए.

वैसे अफ्रीका के कुछ इलाक़ों में आज भी कम उम्र में मरने वालों की संख्या ज्यादा है.

स्वागत

बीते वर्षों में मधुमेह, फेफड़े में कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ी हैं जबकि डायरिया और टीबी जैसी बीमारियों में कमी आई है.

अध्ययन से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले 20 सालों में डायरिया से होने वाली मौत में 60 फीसदी तक कमी आई है.

जबकि कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि बीमारियों के बढ़ने की वजह साफ-सफाई को नज़रअंदाज करना है.

लंदन स्कूल ऑफ़ हाइज़ीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (एलएसएचटीएम) के निदेशक प्रोफेसर पीटर पायट ने इस रिपोर्ट का स्वागत किया है. उन्होंने कहा, ''ये बेहद आश्चर्यजनक है कि दुनिया में स्वास्थ्य की समस्या इतनी तेजी से बदल रही है.''

उनका कहना है कि स्वास्थ्य से जुड़े मामलो पर अच्छा काम हो रहा है जो सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्यों का हिस्सा भी है.

संबंधित समाचार