'दर्द नहीं दर्द का एहसास कम करती हैं भांग'

 रविवार, 23 दिसंबर, 2012 को 07:39 IST तक के समाचार

शोधकर्ता कहते हैं कि इससे दर्द नाशक तैयार करने में मदद मिल सकती है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन से संकेत मिलता है कि भांग का नशा दर्द को कम नहीं करता है बल्कि इसे अधिक सहनीय बना देता है.

'ब्रेन इमेजिंग' तकनीक का इस्तेमाल करके शोधकर्ताओं ने पाया कि भांग में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो दिमाग के एक खास हिस्से की सक्रियता को कम कर देते हैं.

शोधकर्ताओं का कहना है कि ये मस्तिष्क का वह हिस्सा होता है जिसका संबंध दर्द के भावनात्मक पहलू से है.

ये शोध 'पैन' नामक एक जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

अध्ययन विधि

"भांग किसी पारम्परिक दर्द निवारक दवा की तरह काम नहीं करता है, कुछ लोगों पर इसका अच्छा असर होता है और कुछ पर मामूली असर भी देखा गया है."

डॉक्टर माइकल ली

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए 12 स्वस्थ व्यक्तियों की मदद ली.

शोधकर्ताओं ने इन लोगों को डेल्टा 9 टेट्राहाइड्रोकेनाबिनॉल की 15 मिलीग्राम की एक-एक गोली खाने के लिए दी.

इसके बाद इन लोगों को अपने एक पैर की त्वचा पर मलने के लिए एक क्रीम दी जिसमें मिर्ची थी जो त्वचा पर जलन का अहसास कराती है.

इसके बाद हर व्यक्ति का चार बार एमआरआई स्कैन किया गया जिससे उनके मस्तिष्क की गतिविधि का पता चल सके.

मुख्य शोधकर्ता डॉक्टर माइकल ली कहते हैं, ''हमने पाया कि डेल्टा 9 टेट्राहाइड्रोकेनाबिनॉल के इस्तेमाल के बाद लोगों को दर्द का अहसास कम हो रहा था.''

डॉक्टर माइकल ली का कहना है कि एमआरआई स्कैन से पता चला कि दिमाग के एक खास हिस्से की सक्रियता कम हो गई जिससे इन लोगों को दर्द का बहुत ज्यादा अहसास नहीं हुआ.

उनका कहना है कि इस शोध से दर्द नाशक तैयार करने में मदद मिल सकती है.

वे कहते हैं कि भांग किसी पारम्परिक दर्द निवारक दवा की तरह काम नहीं करता है, कुछ लोगों पर इसका अच्छा असर होता है और कुछ पर मामूली असर भी देखा गया है.

लेकिन ग्लासगो यूनिवर्सिटी में दर्दनाशक दवाओं के जानकार माइक सर्पेल कहते हैं कि इस शोध में जो बताया गया है, वह तो पहले से ही ज्ञात है.

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