सिगरेट के कश में स्वाहा होती औरतें

 शुक्रवार, 25 जनवरी, 2013 को 11:37 IST तक के समाचार

शोध के मुताबिक धूम्रपान के कारण अब पुरुषों की ही तरह महिलाएँ भी बड़ी संख्या में मर रही हैं.

एक नए शोध के मुताबिक 60 के दशक के मुकाबले आज की तारीख में धूम्रपान करने वाली महिलाओं की मौत के आसार बढ़ गए हैं.

क्लिक करें कौन था सिगरेट का आविष्कारक

आजकल महिलाएँ कम उम्र में सिगरेट पीना शुरु कर देती हैं और कई महिलाएँ ज़्यादा सिगरेट पीती हैं. इन बदलती हुई आदतों के कारण फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ गया है.

ये बातें न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसन में छपी हैं. इनसे पता चला है कि धूम्रपान के कारण अब पुरुषों की ही तरह महिलाएँ भी बड़ी संख्या में मर रही हैं.

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रिचर्ड पेटो कहते हैं, “अगर क्लिक करें महिलाएँ पुरुषों की तरह सिगरेट पीएँगी तो पुरुषों की ही तरह मरेंगी भी.”

शोध में अमरीका की 20 लाख से ज़्यादा महिलाओं से इकट्ठा किए डाटा पर नज़र डाली गई.

माइल्ड सिगरेट से खतरा कम नहीं

50 और 60 के दशक में महिलाओं के धूम्रपान करने का चलन तेज़ी से शुरु हुआ. शुरुआती वर्षों में सिगरेट पीने वाली महिलाओं में लंग कैंसर से मौत की आशंका सामान्य लोगों के मुकाबले तीन गुना ज़्यादा होती थी.

लेकिन वर्ष 2000 से 2010 के बीच धूम्रपान करने वाली महिलाओं में लंग कैंसर से मौत की आशंका सामान्य लोगों के मुकाबले 25 गुना हो गई है. पुरुषों में भी ऐसा ही रुझान पाया गया है.

मुख्य शोधकर्ता डॉक्टर माइकल थुन कहते हैं, “पिछले कई दशकों से धूम्रपान करने वाली महिलाओं के लिए खतरा बढ़ रहा है. ये तब जब महिलाएँ आमतौर ऐसी ब्रैंड की सिगरेट पीती हैं जिनपर लिखा रहता था कि इनमें कम निकोटिन है. इसका मतलब है कि ‘लाइट’ और ‘माइल्ड’ सिगरेट ब्रैंड महिलाओं में खतरे को कम नहीं करते.”

पिछले साल छपे शोध में पाया गया था कि जो महिलाएँ ताउम्र सिगरेट पीती हैं वो कभी धूम्रपान न करने वाली महिलाओं से एक दशक पहले मर जाती हैं.

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