फेसबुक पर हैकरों का हमला, डाटा 'चोरी नहीं' हुआ

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Image caption दुनिया भर में फेसबुक के एक अरब यूज़र हैं

सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने बताया है कि पिछले महीने यह साइट हैकरों के निशाने पर थी. हालांकि कंपनी का कहना है कि ऐसे सबूत नहीं मिले हैं कि किसी यूजर के डाटा से छेड़छाड़ की गई हो.

फेसबुक का कहना है कि एक ये हमला तब हुआ जब कर्मचारी एक मोबाइल डेवलपर वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे थे जो सुरक्षित नहीं थी.

फेसबुक ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि इस तरीके से हैकरों के निशाने पर आने वाली वो एकमात्र कंपनी नहीं है.

दुनिया भर में एक अरब से ज्यादा लोग फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं. फेसबुक ने कहा है, “पिछले महीने फेसबुक सुरक्षा से जुड़े तंत्र ने यह पाया कि कि बड़े आधुनिक तरीके से हमारी वेबसाइट को निशाना बनाया गया था. यह हमला उस वक्त हुआ जब कुछ चुनिंदा कर्मचारियों ने एक मोबाइल डेवलपर की वेबसाइट देखी जिसे निशाने पर लिया गया था.”

हैकिंग का जाल

फेसबुक का कहना है कि कर्मचारियों के लैपटॉप पर मैलवेयर डाउनलोड हो गया था. मैलवेयर एक सॉफ्टवेयर है जिसे हैकर इस्तेमाल करते हैं ताकि कम्प्यूटर से संवेदनशील डाटा हासिल कर सकें या कम्प्यूटर का काम बंद हो जाए.

कंपनी के मुताबिक, “जैसे ही हमें मैलवेयर की मौजूदगी का पता चला हमने इससे प्रभावित सभी मशीनों को ठीक किया और कानूनी कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को सूचित किया. हमने इसके लिए एक अहम जांच भी शुरू कर दी है.”

आधुनिक तरीके से हैकिंग करने वाले हैकरों ने अपने ताज़ा हमलों में बड़ी वेबसाइटों को निशाना बनाया है.

टि्वटर ने भी इस महीने की शुरुआत में कहा था कि उसके करीब 250,000 यूज़रों के पासवर्ड चोरी हो गए.

न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉशिंगटन पोस्ट और वॉल स्ट्रीट जर्नल आरोप लगाते रहे हैं कि चीन लगातार उनके सुरक्षा तंत्र में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन चीन इससे इनकार करता है.

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