स्मार्टफोन से होगी मूत्र की जांच

मोबाइल ऐप से होगा पेशाब टेस्ट
Image caption इंगावाले अपने ऐप को बहुत अहम मानते हैं

अमरीका के लॉस एंजलिस शहर में चल रहे एक प्रोद्योगिकी मेले में स्मार्टफोन का एक ऐसा ऐप यानी एप्लिकेशन पेश किया गया है जो फोन में लगे कैमरे की मदद से मूत्र की जांच कर बीमारियों का पता लगा सकता है.

यानी जिस मूत्र जांच के लिए कई बार प्रयोगशालाओं के चक्कर लगाने पड़ते हैं, वो काम अब मोबाइल फोन के ज़रिए हो जाएगा.

इस ऐप को यूचेक का नाम दिया गया है और ये सेहत संबंधी 25 समस्याओं से जुड़ी जांच करने में सक्षम है. खास कर ये ऐप विकासशील देशों में बीमारियों का पता लगाने और उनके इलाज में कारगार साबित हो सकता है.

ये ऐप लॉस एंजलिस में चल रहे टेक्नॉलजी, एजुकेशन, डिजाइन कॉन्फ्रेंस में भारत के मिश्किन इंगावाले ने पेश किया है.

कैसे होती है जांच

उन्होंने बीबीसी को बताया, “मैं चाहता हूं कि मोबाइल फोन रखने वाले लोग खुद अपने हाथ से अपने स्वास्थ की जांच कर पाएं.”

ये ऐप मूत्र में ग्लूकोज, प्रोटीन और नाइट्रेट समेत कुल 10 तत्वों की मौजूदगी को परख सकता है.

इस तरह ये डायबिटीज यानी मुधमेह से लेकर मूत्र के संक्रमण, कैंसर और गुर्दे से जुड़ी से बीमारी तक का पता आसानी से लगा सकता है. यही नहीं, इससे व्यक्ति को अपनी सेहत पर नजर बनाए रखने में मदद मिलेगी.

इसके परीक्षण के लिए मोबाइल यूजर्स को अपना मूत्र लेकर उसमें एक स्टैंडर्ड स्ट्रिप यानी एक पट्टी को डुबोना होगा.

इसके बाद उस पट्टी को इस ऐप के साथ मिलने वाली एक अन्य पट्टी पर रखना होगा. इस पट्टी पर कुछ रंग उभरते हैं. इसके बाद मोबाइल के कैमरे से इस पट्टी का फोटो लिया जाता है. फिर मोबाइल ऐप आपके मूत्र के नमूने से उभरे रंगों के आधार पर विश्लेषण शुरू करता है.

'सस्ते होंगे स्मार्टफोन'

Image caption स्मार्टफोन अभी इतने सस्ते नहीं कि विकासशील देशों में हर कोई उन्हें खरीद सके

ये ऐप मार्च के अंत से ऐपल के ऐप स्टोर पर उपलब्ध होगा और इसके लिए 20 डॉलर की रकम चुकानी होगी.

व्यक्तिगत इस्तेमाल के अलावा इस ऐप को मुंबई के किंग एडवर्ड अस्तपाल में परखा भी जाएगा. वहां इसकी शुद्धता को प्रयोगशाला की मशीनों के जरिए जांचा जाएगा.

मिश्किन इंगावाले का कहना है, “अगर इसका प्रदर्शन ठीक रहा तो इसे चलते फिरते क्लीनिकों को भी मुहैया कराया जाएगा. दस हजार डॉलर की मशीन खरीदने के बजाय इसके जरिए स्मार्टफोन से ये काम कहीं आसानी से हो जाएगा.”

हालांकि गरीब देशों में स्मार्टफोन बहुत से लोगों की पहुंच से बाहर की चीज है, लेकिन इंगावाले का कहना है कि सदा तो ऐसी स्थिति नहीं रहेगी. उन्हें उम्मीद है कि स्मार्टफोन सस्ते होंगे और हर किसी की पहुंच में होंगे.

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