माइक्रोस्कोप का काम करेंगे स्मार्टफोन?

Image caption शोधकर्ताओं ने फोन में लेंस और टार्च लगाकर इससे माइक्रोस्कोप का काम लिया.

क्या आपने कभी सोचा है कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब स्मार्ट आईफोन सिर्फ एक फोन नही रहेगा, बात करने के अलावा ये आपकी सेहत भी जाँच सकेगा.

वैज्ञानिकों ने तंजानिया के गाँव के एक स्कूल के बच्चों की आंतों में कृमि संक्रमण यानी कीड़ों की पहचान के लिए आईफोन 4S का इस्तेमाल किया है.

इसके लिए वैज्ञानिकों ने हैंडसेट के कैमरे के लेंस के साथ 8 डॉलर की लागत वाला एक लेंस जोड़ दिया. माइक्रोस्कोप की तरह इस्तेमाल मे लाने के लिए इसमें उन्होंने सस्ती टार्च के साथ-साथ दोनों तरफ से चिपकने वाला टेप भी चिपका दिया.

इसके बाद प्रयोगशाला की स्लाइड पर रखे मल के नमूनों के चित्र लिए गए.

इस बात का परीक्षण किया गया कि इसमें कृमि के अंडे हैं या नही. ये अंडे ही आंत में परजीवी की मौजूदगी के मुख्य संकेत होते हैं.

जब आईफोन के ज़रिए हासिल किए गए नतीजों को प्रयोगशाला में माइक्रोस्कोप के जरिए दोबारा जाँच की गई तो पाया गया कि डिवाइस संक्रमित लोगों के 70 फीसदी नमूने और 90%.भारी संक्रमण से ग्रस्त लोगों के नमूने लेने में कामयाब रहा.

इस अध्ययन को अमेरिकन जर्नल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड हाइजीन में प्रकाशित किया गया है.

टोरंटो जनरल हॉस्पिटल में अस्पताल में आंतरिक चिकित्सा और संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ शोधकर्ता डॉ. इसहाक बोगोच ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने प्रयोगशाला में स्मार्टफोन के सूक्ष्मदर्शी के इस्तेमाल के बारे में पढ़ा था और उसके बाद उन्होंने इसे वास्तिवकता में इस्तेमाल में लाने का फैसला किया.

अच्छे नतीजे

डॉ. इसहाक बोगोच का कहना था, "हम चाहते थे कि कुछ इस तरह के परीक्षण किए जा सकें जो उपयोगी हों और उनका इस्तेमाल किया जा सके. हांलाकि परिणाम में 70% शुद्धता वास्तव में बहुत अच्छी नहीं है, हम इसे 80% से ऊपर लाना चाहते हैं"

उन्होंने आगे बताया कि "प्रौद्योगिकी मौजूद है और हम सस्ती और आसानी से उपलब्ध प्रक्रिया का इस्तेमाल करना चाहते हैं."

डॉ. इसहाक बोगोच का कहना है कि एपल के आईफोन के इस्तेमाल की सिर्फ एक ही वजह है क्योंकि उनके पास यही हैंडसेट था.

उनका कहना है कि “बॉल लेंस की मदद से चीज़ों को स्पष्ट और बड़ा करके देखा गया, लेकिन इसके लिए ज़ूम के साथ अच्छा कैमरा वाला कोई भी मोबाइल फोन पर्याप्त होगा"

शोधकर्ताओं की टीम का कहना था कि स्मार्ट फोन की मदद से देखे जाने वाले अंडे व्यास में 40-60 माइक्रोमीटर के थे और अंडों के हिसाब से छोटे नहीं थे.

ये माइक्रोस्कोप गंभीर संक्रमण वालों के लिए काफी अच्छे तरीके से काम करता है क्योंकि इसमें अंडों की संख्या काफ़ी ज्यादा होती है, इसलिए इन्हें देखना काफी आसान हैं.

दुनिया भर में विशेष रुप से ग़रीब इलाकों में लगभग दो अरब से ज्यादा लोग पेट के कीड़ों के रोग से ग्रस्त हैं.

और परजीवियों के संक्रमण के कारण व्यक्ति कुपोषण का शिकार हो जाते हैं साथ ही उसका शरीरिक व मानसिक विकास भी रुक जाता है.

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