चीन: हाइब्रिड सब्ज़ियों और सॉफ़्टवेयर के बाद अब हाइब्रिड बच्चे

  • 25 मार्च 2013
चीनी बच्चे
Image caption राष्ट्रपति ओबामा कई बार अमरीकी बच्चों से कह चुके हैं कि उन्होंने मेहनत नहीं तो चीनी बच्चों से पिछड़ जाएंगे

हाइब्रीड सब्ज़ियों और कंप्यूटर प्रोग्राम के बाद चीन बना रहा है वो जो उसे आगे चल कर दुनिया में सबसे बेहतर और सबसे आगे कर सकता है. हाइब्रीड बच्चे.

चीन के सबसे बड़े अनुवांशिक शोध संस्थान बीजीआई शेंचेन में चीनी वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली दो हजार लोगों के डीएनए के नमूने जमा किए हैं और वो उनके जीनोमों को अलग अलग क्रम में व्यवस्थित कर रहे हैं और उस युग्म की पहचान करने में जुटे हैं जो मानवीय बुद्धिमत्ता को निर्धारित करता है.

माना जाता है कि चीनी वैज्ञानिक अपने इस शोध में काफी आगे बढ़ चुके हैं और जब वो अपनी इन कोशिशों में कामयाब हो जाएंगे तो माता पिता अपने लिए सबसे होनहार बच्चे चुन पाएंगे और उनकी बुद्धिमत्ता हर पीढ़ी के साथ पांच से 15 आईक्यू अंक तक बढ़ सकती है.

इस तरह कुछ ही पीढ़ियों में चीनी बच्चों के साथ बौद्धिक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना बहुत ही कड़ी चुनौती बन जाएगी.

'चीन से पीछे पश्चिम'

क्रांतिकारी मनोविज्ञानी और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में लेक्चरर जेफ्री मिलर भी उन दो हजार लोगों में शामिल हैं जिन्होंने अपने डीएनए के नमूने चीनी वैज्ञानिकों को दिए हैं.

मिलर कहते हैं कि अनुवांशिक शोध के मामले में पश्चिमी जगत चीन से काफी पीछे है.

वो कहते हैं, “हमारे पास भी वही तकनीकी क्षमताएं हैं, डाटा का विश्लेषण करने की वही क्षमता है, लेकिन वे कहीं बड़े स्तर पर डाटा जुटा रहे हैं और वैज्ञानिक निष्कर्षों को सरकारी नीति में तब्दील करने में भी सक्षम हैं. तकनीकी और वैज्ञानिक तौर पर हम भी ऐसा कर सकते हैं, लेकिन कर नहीं रहे हैं.”

मिलर के अनुसार बीजीआई शेंचेन में वनस्पतियों और जंतुओं के अनुवांशिक शोध के अलावा हर उस चीज पर काम चल रहा है जो आर्थिक रूप से प्रासंगिक या वैज्ञानिक तौर दिलचस्प हो.

चीन न सिर्फ आर्थिक रूप से महाशक्ति बनने की तरफ बढ़ रहा है, बल्कि अब वो वैज्ञानिक शोध में भी पीछे नही है.

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