दिमाग के लिए 'टॉनिक' है नया संगीत

  • 12 अप्रैल 2013
Image caption दिमाग को खु़शी देता है संगीत

किसी संगीत को पहली बार सुनना दिमाग को ख़ुशी दे सकता है. एक नए शोध में यह दावा किया गया है.

कनाडा के वैज्ञानिकों के एक दल ने एमआरआई स्कैन के ज़रिए संगीत का कोई टुकड़ा, पहली बार, सुनने पर दिमाग के उन क्षेत्रों में सक्रियता दर्ज की, जिन्हें ‘रिवॉर्ड सेंटर’ के नाम से जाना जाता है.

जैसे-जैसे श्रोता संगीत को पसंद करता जाता है, न्यूक्लियस एक्यूमबेन्स कहे जाने वाले दिमाग के क्षेत्र से उसका संबंध मज़बूत होता जाता है.

यह शोध ‘साइंस’ जनरल में प्रकाशित हुआ है.

टोरंटो में रॉटमैन रिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉक्टर वलौरी सालिमपूर ने बीबीसी के ‘साइंस इन ऐक्शन प्रोग्राम’ को बताया, “हम जानते हैं कि न्यूक्लियस एक्यूमबेन्स का संबंध पुरस्कार से है.”

वह कहते हैं, “लेकिन संगीत भावनाओं से जुड़ी हुई चीज़ है. यह ऐसा नहीं है कि आप भूखे हैं और आपको खाने के लिए कुछ मिलने वाला है और आप इसे खाने के बारे में उत्साहित हैं या ऐसा सेक्स और पैसे के बारे में हो. अक्सर ऐसी स्थिति में ही हम न्यूक्लियस एक्यूमबेन्स में हलचल देखते हैं.”

मज़ेदार बात यह है कि आप ऐसी चीज़ के बारे में अंदाज़ लगा रहे हैं और उत्साहित हो रहे हैं जो पूरी तरह भावनात्मक है- और वह है संगीत के टुकड़े में आने वाली अगली ध्वनि.

संगीत सुना, चमका दिमाग

मैक्गिल विश्वविद्यालय के मांट्रियल न्यूरोलॉजिकल सेंटर में वैज्ञानिकों ने 19 प्रतिभागियों को उनकी पसंद के आधार पर संगीत के 60 टुकड़े पहली बार सुनाए.

सभी को 30 सेकेंड लंबा एक टुकड़ा सुनाया गया और उनके पास यह मौका था कि वह चाहें तो उसे एक कृत्रिम ऑन लाइन स्टोर से ख़रीद सकते हैं.

प्रतिभागियों को यह संगीत तब सुनाया गया जब वह एमआरआई मशीन के अंदर लेटे हुए थे.

स्कैन को देखकर वैज्ञानिकों को पता चला कि न्यक्लियस एक्यूमबेन्स ‘चमक रहा’ था. इस हलचल के आधार पर शोधकर्ता यह अनुमान लगा सकते थे कि प्रतिभागी को संगीत पसंद आया या नहीं.

डॉक्टर सालिमपूर कहते हैं, “जब वे संगीत सुन रहे थे तब हम उनकी दिमागी हलचल को देखकर, उनके बताने से पहले ही, यह जान सकते थे कि वह संगीत को सराह रहे हैं या पसंद कर रहे हैं. न्यूरोसाइंस इसी नई दिशा में बढ़ रही है- यह समझने की कोशिश में कि लोग क्या सोच रहे हैं. लोगों की दिमागी क्रिया के माध्यम से उनके विचारों, प्रेरणाओं और अंततः उनके बर्ताव का निष्कर्ष निकालने की कोशिश की जा रही है.”

शोधकर्ताओं ने पाया कि न्यूक्लियस एक्यूमबेन्स दिमाग के एक दूसरे क्षेत्र ऑडिटरी कॉर्टिकल स्टोर्स से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहा है.

यह वह क्षेत्र है जिसमें पहले से सुने हुए संगीत के आधार पर ध्वनि से संबंधित जानकारियों को जमा किया जाता है.

डॉ सालिमपूर कहते हैं, “दिमाग का यह क्षेत्र हर व्यक्ति के लिहाज से विशिष्ट होता है क्योंकि हम सबने अलग तरह का संगीत सुना होता है.”

अब शोधकर्ता यह जानने की कोशिश में हैं कि यह हमारे संगीत की पसंद को किस तरह प्रभावित करता है. और क्या दिमागी हलचल यह बता सकती है कि क्यों लोगों का झुकाव किसी ख़ास किस्म के संगीत की तरफ़ होता है?

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