दिमाग से नियंत्रित होने वाला टैबलेट

  • 24 अप्रैल 2013
Image caption तकनीक की दुनिया में क्रांति लाएगा दिमाग से चलने वाला टैबलेट

मोबाइल कंपनी सैमसंग एक ऐसा टैबलेट तैयार कर रही है जो दिमाग से नियंत्रित होगा. अगर यह प्रयोग सफल हो गया तो टैबलेट की दुनिया में क्रांति आ जाएगी.

दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग के इस प्रयोग में अमरीकी शोधकर्ता भी काम कर रहे हैं. इन लोगों ने प्रयोग करके भी दिखाया है कि कैसे लोग सैमसंग गैलेक्सी टैबलेट में एक टिमटिमाते आइकन पर ध्यान केंद्रित करके उसे संचालित कर सकते हैं.

इसके लिए लोगों को ऐसी टोपी पहननी होगी जिसमें ईईजी यानी इलेक्ट्रो इन्सीफैलोग्राम को मापने वाले इलेक्ट्रोड लगे होंगे.

ईईजी (इलेक्ट्रो इन्सीफैलोग्राम) ऐसी तकनीक है जिसके सहारे दिमाग की विद्युतीय हलचलों का अध्ययन किया जाता है.

ये तकनीक उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जिनको चलने फिरने में दिक्कत होती है.

देखिए-- सैमसंग ऐप-4 लांच की रंगारंग तस्वीरें

संगीत का साथ

सैमसंग के प्रमुख शोधकर्ता इन्सू किम ने मासाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी रीव्यू की वेबसाइट को बताया कि किसी भी यंत्र के साथ नियंत्रित करना मुख्य बात है.

उन्होंने बताया, “कई साल पहले फोन को नियंत्रित करने के लिए केवल एक छोटा सा की-बोर्ड हुआ करता था लेकिन अब आप अपनी आवाज, स्पर्श, हाव भाव और यहां तक कि आंखों को भी मोबाइल फोन को नियंत्रित करने या फिर संचालित करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं”

सैमसंग गैलेक्सी-एस फोर में पहले से ही ऐसी तकनीक लगी है जिसमें लोग आंखों के सहारे फोन को नियंत्रित कर सकते हैं.

जैसे कि “स्मार्ट पॉज” में मोबाइल में चल रहे किसी वीडियो को दूसरी तरफ देख कर रोका जा सकता है. नीचे की ओर आंख झुकाकर भी पेज के नीचे जाया जा सकता है.

एकदम सटीक

स्मार्ट फोन बनाने वालों ने एक शख्स के साथ इससे संबंधित प्रयोग का प्रदर्शन भी किया. उसे दिमाग को नियंत्रित करने वाला यंत्र पहनाया गया और फिर उससे कहा गया कि वो एक पुराने गाने का चयन करे, चलाए और उसे नियंत्रित भी करे.

किम का कहना है, “ये प्रयोग हमें ये बताते हैं कि आने वाले समय में तकनीक हमें कहां ले जा रही है. इसके परिणाम 80 से 95 प्रतिशत सटीक हैं.”

सैमसंग इमर्जिंग टेक्नॉलॉजी लैब के शोधकर्ताओं के साथ काम करने वाले रूजबे जाफरी कोशिश कर रहे हैं कि कैसे इलेक्ट्रोड से लगी टोपी के प्रयोग को और आसान बनाया जा सके. वो अमरीका के टेक्सस विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं.

उनकी योजना है कि इलेक्ट्रो़ड कैप का सूखा संस्करण तैयार किया जाए. अभी जो टोपी मौजूद है उसमें गीले इलेक्ट्रोड का इस्तेमाल किया जाता है.

मनोदशा का अंदाजा

न्यूरोस्काई और इमोटी नाम की कंपनियां पहले ही बाजार में ऐसे हेडसेट लेकर आ चुकी हैं जो लोगों की मनोदशा का आंकलन करता है और लोगों को मोबाइल या टैबलेट के इस्तेमाल में मदद करता है.

कंप्यूटर हार्डवेयर बनाने वाली जानी मानी कंपनी आईबीएम भी दिमाग से चलने वाले हेडसेट तैयार कर रही है.

इमोटी हेडसेट के साथ इस बारे में कई प्रयोग भी किए गए हैं.

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