मोबाइल ऐप से मिलेगा कृत्रिम हाथ

  • 27 अप्रैल 2013

ब्रिटेन में एक किशोर को जल्द ही ऐसा ‘बायोनिक आर्म’ यानी कृत्रिम बाजू मिलेगा जिसे मोबाइल फोन ऐप से नियंत्रित किया जा सकता है. इस तकनीक का फायदा उठाने वाले वे पहले व्यक्ति हैं. इसे आई-लिंब कहा जाता है.

16 साल के पैट्रिक केन ने बचपन में ही अपना एक बाजू और एक टाँग गंवा दिया था. उन्होंने कहा है कि ये नया आई-लिंब उनके लिए बेशकीमती है.

मोबाइल ऐप के इस्तेमाल से कोई भी व्यक्ति इस कृत्रिम बाजू को नियंत्रित कर सकता है.

नया वर्ज़न

पैट्रिक 2010 से आई-लिंब का पुराना वर्जन इस्तेमाल करते रहे हैं लेकिन नए वर्ज़न से वे अपने अँगूठे का भी बेहतर इस्तेमाल कर पाएँगे.

पैट्रिक कहते हैं, “पहले मुझे किसी से गुज़ारिश करनी पड़ती थी कि क्या वे मेरे जूते का फीता बाँध सकते हैं. बिना कृत्रिम बाजू के भी मैं काम कर लेता था लेकिन अब तो मैं वो हर काम कर सकता हूँ जो मैं चाहता हूँ. इसकी मदद से मैं अपना काम बेहतर तरीके से और फुर्ती से कर सकता हूँ.”

ये आई-लिंब उनके बाजू पर लगाया गया है. दो सेंसर इस पर नज़र रखते हैं कि माशपेशियों में कितनी सिकुड़न हो रही है. इसी के ज़रिए पैट्रिक अपने बाजू और अंगूठे की मूवमेंट नियंत्रित करते हैं.

पैट्रिक कहते हैं कि वो प्रोस्थेटिक आर्म नहीं पहनना चाहते लेकिन बोआनिक आर्म एकदम अलग है.

इसे टच बायोनिक्स कंपनी ने बनाया है और इसके मुख्य कार्यकारी इयन स्वटीवन्स कहते हैं कि ये तकनीक लोगों को बेहतर नियंत्रण और लचीलापन देती है.

उन्होंने बताया कि आई-लिंब को लगाने के बाद लोग अपने रोज़मर्रा के कामकाज बेहतर तरीके से कर सकते हैं और अपने जीवन को बेहतर कर सकते हैं.

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