इंटरनेट पर भी ‘ख़तरनाक’ क्रिस गेल

  • 28 मई 2013
क्रिस गेल
वेस्टइंडीज़ के खिलाड़ी क्रिस गेल ने आईपीएल में 30 गेंदों पर धुंआदार 100 रन बनाकर सुर्खिया बटोरी थी.

साइबर अपराधी इंटरनेट पर वायरस फैलाने के लिए सुर्खियों में रहने वाले व्यक्तियों के नाम और चित्रों का इस्तेमाल करते हैं, ये कहना है जानी-मानी एंटी वायरस कंपनी मैकेफ़ी का.

मैकेफ़ी ने भारत में इंटरनेट पर क्रिकेट जगत से जुड़ी शख़्सियतों पर एक शोध किया जिसमें पता लगाने की कोशिश की गई कि किन नामों के इंटरनेट पर खोजे जाने पर सबसे ज्यादा वायरस हमले होते है.

इस सूची में पहले स्थान पर क्रिस गेल का नाम था जिसके बाद ब्रेट ली और तीसरे स्थान पर स्पॉट फिक्सिंग विवादों में फंसे भारतीय गेंदबाज़ एस श्रीसंत का नाम था.

क्रिस गेल, श्रीसंत जैसे चर्चित शख्सियतों के नाम की खबरों और चित्रों से ललचाकर यूज़र को वायरस फैलाने वाली वेबसाइटों पर बुलाया जाता है. यूज़र के कुछ भी क्लिक करते या वेबसाइट के खुलने भर से वायरस यूज़र के कंप्यूटर में प्रवेश कर जाता है.

सुर्खियों से जोड़ते हैं वायरस

साइबर अपराधी क्रिस गेल, श्रीसंत जैसे चर्चित शख्सियतों के नाम और चित्रों से ललचाकर वायरस फैलाने वाली वेबसाइटों पर बुलाती है

आईपीएल 6 के एक मुकाबले में क्रिस गेल ने 30 गेंदों पर धुंआदार 100 रन बनाकर सुर्खिया बटोरी थी, जिसके बाद कई दिनों तक गेल का नाम इंटरनेट पर अलग-अलग वेबसाइटों पर प्रकाशित होता रहा.

आईपीएल से ही संबंधित स्पॉट फिक्सिंग विवाद में राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी श्रीसंत गिरफ्तार किए गए थे. इस वाकये के बाद कई दिनों तक श्रीसंत का नाम चर्चा में रहा था.

यूज़र्स के कंप्यूटरों पर हमला करने के लिए साइबर अपराधी खेल प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का फायदा उठाने की कोशिश करते है.

बड़ी प्रतियोगिताओं के दौरान खेल प्रेमी इंटरनेट पर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की खबरें और तस्वीरें सर्च करते है और इसी दौरान साइबर अपराधियों के फैलाए जाल में फंस जाते है.

ये वायरस आपकी खूफ़िया जानकारियों को चुराने से लेकर आपका कंप्यूटर तक खराब कर सकते हैं.

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