लगाइए # फ़ेसबुक पर कीजिए ट्रेंड

फ़ेसबुक पर हैशटैग
Image caption हैशटैग का इस्तेमाल कर आप किसी ख़ास शब्द का इस्तेमाल कर की गई सभी टिप्पणियां या पोस्ट देख सकते हैं

फ़ेसबुक पर भी अब आप हैशटैग इस्तेमाल कर सोशल नेटवर्क पर चर्चित मुद्दों पर नज़र रख सकेंगे.

किसी भी शब्द पर हैशटैग (#) निशान लाने से यह एक लिंक में बदल जाएगा जिसे क्लिक कर उस मुद्दे पर हो रही चर्चा को देखा जा सकता है.

इस मामले पर फ़ेसबुक का कहना है कि इससे “जो विषय चर्चा में है उसकी एक वृहद तस्वीर मिलती है.”

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि विज्ञापन जुटाने में भी इससे सहायता मिल सकती है.

किसी विषय को पहचान देने के लिए हैशटैग के इस्तेमाल को ट्विटर ने लोकप्रिय बनाया है.

हैशटैग को इस्तेमाल करने वाली अन्य वेबसाइट्स में पिंटरेस्ट, टंबलर, गूगल प्लस, साइना वीबो, लिंक्डइन और फ़ेसबुक के स्वामित्व वाली इंस्टाग्राम शामिल हैं.

नियंत्रण

हैशटैग के इस्तेमाल की घोषणा फ़ेसबुक के न्यूज़ पेज पर की गई.

इसके अनुसार हैशटैग पर क्लिक करने से उस शब्द का इस्तेमाल कर की गईं सभी टिप्पणियां समय के क्रम से दिख जाएंगी. इनमें उन लोगों द्वारा की गई पोस्ट और पेज भी शामिल होंगे जो फ्रेंड लिस्ट में नहीं हैं.

Image caption ट्विटर पर हैशटैग की लोकप्रियता के बाद फ़ेसबुक ने इसे शुरू किया है

फ़ेसबुक के अनुसार, “हैशटैग लोगों को यह जानने में सुविधा देने वाला पहला कदम है कि किसी खास विषय पर बाकी लोग क्या कह रहे हैं और यह सार्वजनिक चर्चा में भाग लेने का मौका देता है.”

फ़ेसबुक का कहना है कि वह कुछ और फ़ीचर बढ़ाएगा, “आने वाले हफ़्तों और महीनों में हम कुछ और फ़ीचर जारी करेंगे जो हैशटैग्स और गहन निरीक्षण से जुड़े होंगे, ताकि लोगों को दुनिया भर में हो रही चर्चा के बारे में ज़्यादा पता लग सके.”

प्रयोगकर्ता अब भी इस पर नियंत्रण कर सकते हैं कि उनकी हैशटैग की गई पोस्ट को कौन देखेगा.

कंसल्टेंट्स गार्टनर में सोशल मीडिया विश्लेषक एंड्र्यू फ्रैंक कहते हैं, “मुझे लगता है कि उन्होंने ट्विटर में इसकी सफलता को देखा है और उन्हें इसकी कोई वजह नहीं मिली कि वह खुद भी इसे क्यों न इस्तेमाल करें.”

“हैशटैग विज्ञापनदाताओं के बीच भी लोकप्रिय हैं. वह विज्ञापन की पहुंच और मूल्य बढ़ाने का एक तरीका हैं.”

Image caption इससे पहले कुछ प्रयोगकर्ता फ़ेसबुक पर हैशटैग के इस्तेमाल से चिढ़ जाते थे

बदलना पड़ेगा!

ट्विटर के विपरीत फ़ेसबुक में विज्ञापनदाताओं को किसी ख़ास हैशटैग का इस्तेमाल कर लोगों तक पहुंचने या किसी हैशटैग को प्रायोजित करने की इजाज़त नहीं है.

लेकिन उद्योग के एक जानकार का कहना है कि अगर कंपनी विकसित हो रहे “रियल टाइम मार्केटिंग” बजट (उपभोक्ता के बर्ताव पर लगातार नज़र रखकर उचित समय पर दिए जा रहे विज्ञापनों पर खर्च) पर ध्यान केंद्रित करती है तो इसे बदलना पड़ेगा.

एडवर्टाइज़िंग एज मैग़्ज़ीन में डिजिटल और टेक्नोलॉजी लेखक कॉटन डेलो कहते हैं, “लोग फ़ेसबुक पर सुपरबॉल और ऑस्कर के बारे में बात कर रहे हैं लेकिन ज़्यादातर संदेश सार्वजनिक नहीं हैं. इसलिए विज्ञापनदाता को कोई संकेत नहीं मिलता कि लोग इस बारे में बात कर रहे हैं.”

“अभी फ़ेसबुक इससे पैसा नहीं बना रहा है लेकिन आश्चर्य तो तब होगा अगर वह ऐसा कभी न करे.”

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