लीजिए आ गई है एयरबस ए350

  • 15 जून 2013
एयरबस

कई सालों के लंबे इंतजार के बाद यूरोपीय हवाई जहाज़ निर्माण कंपनी एयरबस के नए और खास विमान ने सफलता पूर्वक अपनी परीक्षण उड़ान पूरी कर ली है. एयरबस का यह विमान है, ए350. इस विमान में 86.73 खरब रुपए का निवेश किया गया है.

इस विमान ने चार घंटे की सफल भरी.

ए350 के बारे में कहा जा रहा है कि ईंधन क्षमता और पर्यावरण की दृष्टि से यह विमान कई नए मानक स्थापित करने वाला है.

दो इंजनों और लंबी दूरी की खासियतों वाले ए350 को बोइंग के 787 ड्रीमलाइनर के सीधे प्रतिद्वंद्वी के रुप में पेश किया जा रहा है. बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के बारे में कहा जाता है कि इसने विमान प्रौद्योगिकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है.

झिझक

लेकिन यह भी सच है कि एयरबस इस एअरक्राफ्ट ए350 को वास्तव में बनाना ही नहीं चाहता था.

पिछले दशक के मध्य तक एयरबस बहुप्रतीक्षित सुपरजंबो ए380 को बनाने की तैयारी में पूरी तरह व्यस्त थी.

विशालकाय डबल डेकर सुपरजंबो ए380 विमान में बेहद जटिल मशीनें लगाई गई थी. इसे बनाने की लागत बढ़ती ही जा रही थी.

इन परिस्थितियों में अरबों डॉलर की लागत वाला एक और विमान बनाने में एअरबस थोड़ा झिझक रही थी.

मगर एअरबस को एक ऐसे विमान की भी जरूरत थी जो बोइंग की ड्रीमलाइनर को कड़ी चुनौती दे सके. इसकी वजह यह थी कि कई प्रमुख एअरलाइन कंपनियां ड्रीमलाइनर में खासी रुचि ले रही थीं.

ड्रीमलाइनर में हल्के कार्बन यौगिकों का इस्तेमाल किया जाना था. इसके अलावा इसमें वायुयान निर्माण से जुड़ी उन्नत तकनीकों की इस्तेमाल भी किया जाना था ताकि इसकी ईंधन की खपत और उड़ाने की लागत काफी कम हो जाए.

ए330 मॉडल

ड्रीमलाइनर की ईंधन क्षमता का मुकाबला करने के लिए एअरबस ने ए350 का खाका खींचते समय ए330 के अपने वर्तमान मॉडल को अपना आधार बनाया. लेकिन इसमें नए पंख, नए इंजन और हल्के धड़ लगाए गए.

शुरुआती दौर में इससे संभावित ग्राहक कुछ खास प्रभावित नजर नहीं आए.

इस मॉडल के कट्टर आलोचकों में से एक थे स्टीवन उदवर-हेज़ी. वे तब 'इंटरनेशनल लीज फायनांस कॉरपोरेशन' के प्रमुख थे. ये कंपनी भारी तादाद में विमानों की खरीद करती है.

विमान उद्योग में मजबूत छवि रखने वाले स्टीवन ने सार्वजनिक रूप से कहा कि ए350 के बारे में जैसा सोचा गया था यह उसके अनुरुप बन कर नहीं आया है. कई और एअरलाइनों के प्रमुख भी स्टीवन की इस बात से सहमत थे.

नतीजा यह हुआ कि 2006 के मध्य में एयरबस ने वह डिजाइन वापस ले लिया और इस पर फिर से काम करना शुरू कर दिया.

और नतीजा, आपके सामने है ए350 विमान जो एयरबस के मुख्यालय टोलूस की हवाई पट्टी पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा है और ऐसा अंदाजा है कि एयरबस ने इसे अपनी ओर से हरी झंडी दे दी है.

बेजोड़ कला

ए350को लांच किए जाने के पहले ही 600 से ज्यादा आर्डर आ चुके हैं.

अगले सप्ताह होने वाले 'पेरिस एयर शो' में और इसकी और ज्यादा खरीद होने की संभावना है. रिपोर्ट है कि 'पेरिस एयर शो' में एयर फ्रांस 25 ए350 विमानों को खरीदने के बारे में सोच रहा है.

787 की तरह ए350 भी एक ज़बरदस्त विमान है. यह विमान कंपनियों को बेहतर ईंधन क्षमता के साथ लंबी दूरी की सेवाएं भी देगा.

ए350 का धड़ और अन्य हिस्से टाइटेनियम से बने हैं जिससे इसका वज़न कम हो गया है.

दावा

Image caption सिंगापुर के एक एयरशो के दौरान ए350. सिंगापुर एयरलाइंस ऐसे 35 विमान खरीदेगा.

एयरबस का दावा है कि ए350 अन्य विमानों की अपेक्षा 25 फीसदी कम ईंधन खर्च करेगा. यहीं नहीं, यह विमान ध्वनि प्रदूषण और उत्सर्जन को इनकी आदर्श सीमा के भीतर बनाए रखेगा.

एयरबस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन लीही ने बीबीसी को बताया कि ए350 का लक्ष्य अपने बाजार में भारी इजाफा करना है. उनके आकलन के अनुसार विश्व के विभिन्न एयरलाइनों को आने वाले 20 सालों में करीब 6,500 ऐसे विमानों की जरूरत पड़ेगी.

जॉन लीही का कहना है , “787 के मुकाबले ए350 बहुत तेजी से 600 से ज्यादा की बिक्री के स्तर पर पहुंच गया है. बाजार ने ए350 का पुरज़ोर स्वागत किया है. ”

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