अब मोज़े और अंगूठी रखेंगे आपका ख्याल

संवेदनशील मोजे
Image caption ये संवेदनशील मोजे लोगों को दौड़ने में मदद करेंगे

जल्द ही बाज़ार में ऐसे उत्पाद आने वाले हैं जिन्हें आप पहन सकते हैं और ये आधुनिक तकनीक से लैस हैं.

ये हैं स्मार्ट सॉक्स या मोज़े और अंगूठी. अमरीकी कंपनी 'हीपसिलोन' ने कहा है कि वह ऐसे संवेदनशील मोज़े बना रही है, जो पहनने वाले का टहलते या दौड़ते समय संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे.

वहीं, एक चीनी कंपनी 'शांदा' ने कहा है कि उसने एक ऐसी अंगूठी बनाई है, जिसकी मदद से स्मार्टफ़ोन को अनलॉक किया जा सकता है. इसकी मदद से फ़ोन के डाटा को आसानी से किसी दूसरे व्यक्ति को भेजा जा सकता है.

बढ़ता बाज़ार

बहुराष्ट्रीय बैंक 'क्रेडिट स्विस बैंक' ने उम्मीद जताई है कि अगले पाँच साल में पहने जाने लायक तकनीक वाली वस्तुओं का बाज़ार 50 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा. बैंक का कहना है कि यह इसके वर्तमान बाज़ार का 10 गुना होगा.

लेकिन वहीं कुछ लोगों ने चेतावनी दी है कि प्रयोगों के इस दौर में बहुत सी चीजें उतनी लोकप्रिय नहीं रह जाएंगी.

'हीपसिलोन' के तीनों संस्थापक पहले मोइक्रोसाफ़्ट एक्सबॉक्स और हेल्थ साफ़्टवेयर डिविजन में काम करते थे.

इन लोगों का कहना है कि संवेदी मोज़े के कपड़ों में ही सेंसर लगा हुआ है. यह सेंसर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह बताएगा उन्हें पहनने वाला किस तरह चल या दौड़ रहा है.

यह मोज़ा टखने से जुड़ा होगा और आंकड़ों को ब्लूटूथ के ज़रिए कंपनी के साफ़्टेवेयर से जुड़े स्मार्टफ़ोन या कंप्यूटर को भेजेगा.

ख़तरों की चेतावनी

मोज़े को बनाने वालों का कहना है कि इसे धोया भी जा सकता है और यह धावक को दौड़ते समय की तमाम जानकारियां उपलब्ध कराएगा. इसके जरिए धावक यह तय कर पाएगा कि उसे किसी तरह की चोट के खतरे से बचने के लिए किस तरह दौड़ लगानी है या कितना लंबा डग भरना है.

Image caption इस अंगूठी के जरिए किसी दूसरे स्मार्टफोन को आंकड़े भेजे जा सकते हैं

कंपनी का कहना है कि इसका उपयोग शुगर या मधुमेह के रोगियों में होने वाले घाव की स्थिति पर नजर रखने और बुजुर्ग लोगों को दौड़ते समय संतुलन बिगड़ने की चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है.

अभी इस मोज़े का केवल प्रारूप ही उपलब्ध है. कंपनी इस उत्पाद को एक पैसा उगाहने के अभियान के जरिए बाज़ार में उतारना चाहती है, यह अभियान इस हफ़्ते के अंत तक ‘इंडिगोगो’ नाम की वेबसाइट पर शुरू होगा.

कमाल की अंगूठी

वहीं एक चीनी कंपनी 'शांदा' अंगूठी में एक्सेसरी की पहचान करने के लिए एनएफ़सी (नियर फ़ील्ड कम्युनिकेशन) चिप का इस्तेमाल कर रही है.

Image caption इसका इस्तेमाल स्मार्ट कैमरे के रिमोट कंट्रोल के रूप में हो सकता है

कंपनी का कहना है कि इस अंगूठी का उपयोग एंड्रॉएड पर आधारित स्मार्टफ़ोन को अनलॉक करने में किया जा सकता है. इसका उपयोग पासवर्ड के रूप में भी हो सकता है. कंपनी इस साल के अंत तक इसे अन्य मोबाइल फ़ोन के लायक भी बनाने का प्रयास कर रही है.

इसे बनाने वाली कंपनी का कहना है कि इसे पहनने वाला व्यक्ति इसे अपने दोस्त के हैंडसेट में सटाकर अपनी फ़ोटो और अन्य जानकारियां उसमें डाउनलोड कर सकता है.

कंपनी का कहना है कि यह अंगूठी 99 साल तक चल सकती है और उसे चार्ज करने की भी ज़रूरत नहीं रहेगी.

'शांदा' ने एंड्रॉएड पर आधारित एक कलाई घड़ी भी बनाई है. इसमें लगे ऐप के ज़रिए मौसम की भविष्वाणी की जा सकती है और कसरत पर प्रतिक्रिया ली जा सकती है. इस घड़ी को स्मार्टफोन कैमरे के रिमोट कंट्रोल के रूप में भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है.

कंपनी का कहना है कि चीनी ग्राहकों के लिए इस कलाई घड़ी की बुकिंग जुलाई में शुरू कर दी जाएगी. वहीं अंगूठी के लिए इसके बाद आर्डर लिया जाएगा.

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