सर्च के अलावा क्या हैं गूगल के विकल्प?

गूगल
Image caption ब्रिटेन में 90% से ज़्यादा सर्च गूगल द्वारा की जाती है

पिछले कुछ समय में गूगल ने काफ़ी नए काम किए हैं. सोशल नेटवर्किंग साइट गूगल प्लस पर नया फोटो सॉफ़्टवेयर डाला, इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए एयर बलून लाँच किए, शुल्क वाली संगीत सेवा शुरू की, एक नए स्मार्टफ़ोन से 'छेड़खानी' की और अपने मैप्स को फिर से लॉंच किया.

लेकिन जब कंपनी अपनी कमाई की बात करेगी तो निवेशक सिर्फ़ एक बात पर ध्यान देंगे कि कंपनी के सर्च इंजन के विज्ञापन कैसे हैं.

इन सभी खोजों, परीक्षणों के लिए पैसा गूगल सर्च से ही आता है.

इंटरनेट विश्लेषण प्रदानकर्ता स्टैटकाउंटर के अनुसार जून में ब्रिटेन के डेस्कटॉप कंप्यूटरों से 90 प्रतिशत और मोबाइल फ़ोनों से 92 प्रतिशत चीज़ें गूगल के ज़रिए ही ढूंढी गईं. यह ऐसा आंकड़ा है जिससे किसी भी कंपनी को जलन होगी.

बिंग की कोशिश

दुनिया के आंकड़े इससे भी अधिक हैं. हालांकि इसके अपने घरेलू बाज़ार अमरीका में इसका हिस्सा औसत से कम है- 78% डेस्कटॉप सर्च.

इसके अलावा चीन, रूस और दक्षिण कोरिया में भी कंपनी पिछड़ गई है.

सर्च इंजन लैंड न्यूज़ वेबसाइट के लिए लिखने वाले तकनीक विश्लेषक ग्रेग स्टर्लिंग कहते हैं, “एक वक्त था जब यकीकन गूगल बेहतर सर्च इंजन था- लेकिन अब इस बात पर बहस हो सकती है.”

“हालांकि गूगल के ब्रांड की ताकत और कंपनी के मोबाइल बाज़ार में जो़रदार प्रवेश ने आने वाले समय में अधिकांश बाजा़रों में इसके अग्रणी रहने को पक्का कर दिया है.”

Image caption गूगल का सबसे बड़ा प्रतियोगी बिंग सर्च इंजन कई नए फ़ीचर्स दे रहा है

स्टर्लिंग कहते हैं, “वैसे तो कुछ भी निश्चित नहीं है लेकिन रूस और एशिया के कुछ भागों के अलावा और किसी प्रतियोगी का सामान्य सर्च में उल्लेखनीय हासिल करना आसान नहीं लगता.”

हालांकि दूसरी कंपनियां अब भी कोशिश कर रही हैं, अलग तरह के फ़ीचर्स दे रही हैं और तो और इस तकनीक के मूलभूत सिद्धांत पर भी विचार कर रही हैं. आइए ऐसे ही कुछ वैकल्पिक सर्च इंजनों को देखते हैं.

स्टैटकाउंटर के अनुसार माइक्रोसॉफक्ट का बिंग सर्च इंजन गूगल का सबसे बड़ा प्रतियोगी है. हालांकि इसके हिस्से में दुनिया की खोज का सिर्फ़ 20वां भाग ही आता है.

दोनों में सबसे बड़ा फर्क़ यह है कि बिंग अपने होमपेज की पृष्ठभूमि में रंगीन तस्वीरों का इस्तेमाल करता है और महत्वपूर्ण जगहों से संबंधित लिंक भी दिखाता है.

माइक्रोसॉफ़्ट सोशल फ़ीचर्स के साथ भी प्रयोग कर रहा है.

अमरीका में बिंग इस्तेमाल करने वालों को किनारे की एक पट्टी में उनके फ़ेसबुक दोस्त भी दिखाई देते हैं जो ढूंढी गई जानकारी को पसंद कर सकते हैं. इसके अलावा वह “बोर्ड्स” भी दिखाई देते हैं- ऐसी तस्वीरें और लिंक जिन्हें ब्लॉगर और अन्य विशेषज्ञों ने चुना हो.

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