खान जिसमें छिपा है ‘एलियन’ रहस्य

एलियन, खान, बोल्बी, इंग्लैंड
Image caption टीवी सिरीज़ डॉक्टर हू में एलियन की कल्पना कुछ इस तरह की गई है.

दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश विज्ञान के लिए बेहद चुनौती भरा काम रहा है. मगर अब इंग्लैंड के उत्तरपूर्व में मौजूद एक खान से इसकी कुंजी हासिल हो सकती है.

शोधकर्ताओं को यक़ीन है कि बेहद गहराई में रह रहे छोटे छोटे जीवों का अध्ययन करके वो धरती से परे जीवन की संभावनाओं का पता लगाने में कामयाब हो सकते हैं.

इस खान तक पहुंचने के लिए एक पिंजरे में बंद होकर धरती के भीतर क़रीब एक किलोमीटर अंदर सफ़र करने में बस कुछ मिनट लगते हैं.

जैसे ही हम टॉर्च लगी हैट पहने और आपातकालीन श्वास उपकरणों के साथ पिंजरे से बाहर निकलते हैं तो सामना होता है तेज़ गर्मी से. यह गर्मी खान के कुछ हिस्सों में 35 डिग्री तक पहुंच सकती है.

नमक और पोटाश की खान

Image caption इंग्लैंड की बोल्बी खान से पोटाश और नमक निकाला जाता रहा है

क्लीवलैंड पोटाश लिमिटेड की देखरेख में चल रही यह बोल्बी खान यूरोप की कुछ सबसे गहरी खानों में से एक है और यह उत्तरी यॉर्कशायर और क्लीवलैंड से रेडकार बॉर्डर तक फैली है.

खानकर्मी अपनी शिफ़्ट करने के लिए कई सुरंगों के ज़रिए यहां पहुंचते हैं. 1970 के दशक से इसकी ज़मीन से पोटाश और नमक निकाला जाता रहा है मगर इस खान की चट्टानों में कुछ और भी छिपा है.

हालांकि यूं तो धूल भरा रास्ता बिल्कुल खाली दिखता है लेकिन इसमें बेहद महीन जीव छिपे हैं.

एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में यूके सेंटर फॉर एस्ट्रोबायोलॉजी के प्रोफ़ेसर चार्ल्स कॉकेल कहते हैं, ‘हमें यहां जीवन के लिहाज़ से काफ़ी मुश्किल परिस्थितियां देखने को मिली हैं. यहां काफ़ी नमक है, अंधेरा है और इसका मतलब है कि ऊर्जा पाने के लिए सूरज की रोशनी भी नहीं. यहां बहुत कम पानी मिलेगा.’

‘ऐसे में इतनी गहराई के भीतर जीवन की मौजूदगी काफ़ी मुश्किल है और हमारी रुचि यह जानने में है कि यहां जीवन कैसे बच सकता है और कैसे आगे बढ़ सकता है.’

बेहद सूक्ष्म जीव मौजूद

इस खान में आंखों से दिखाई न देने वाले बेहद सूक्ष्म जीव एक्स्ट्रीमोफ़ाइल्स मिलते हैं. प्रोफ़ेसर कॉकेल और उनकी टीम इनके नमूने लेने आई है ताकि इनके बारे में और जानकारी हासिल कर सके.

उनका कहना है कि इनके बारे में अध्ययन से हमें पता चलेगा कि क्या हमारे ब्रह्मांड में कहीं ऐसे हालात में जीवन मौजूद है.

‘अगर आप मंगल ग्रह को देखें तो आप उसकी सतह पर नमक पाएंगे यानी सोडियम क्लोराइड. अगर आप ब्रहस्पति के चंद्रमा यूरोपा को देखें तो वहां आप बर्फ़ीली सतह के नीचे एक नमक का महासागर पाएंगे.’

‘पूरे ब्रह्मांड में नमक हर जगह मौजूद है. अगर आप यह जानना चाहते हैं कि दूसरे ग्रहों के वातावरण में जीवन कैसे पैदा हुआ और कैसे बढ़ता है तो आपको सबसे पहले वहां के बेहद नमकीन पर्यावरण को समझना होगा.’

Image caption साइंस एंड टैक्नोलॉजी फ़ैसिलिटीज़ काउंसिल और खनन कंपनी की साझेदारी से खान में प्रयोगशाला चल रही है.

अपनी टॉर्च के सहारे रोशनी करते हुए हम खान में बनी एक प्रयोगशाला में पहुंचते हैं.

यह दूसरी खानों के मुक़ाबले पूरी तरह अलग है. हम एक बेहद रौशन कमरे में पहुंचते हैं जहां कई वैज्ञानिक उपकरण रखे हुए हैं.

खान में प्रयोगशाला

इस लैब को सालों से चलाया जा रहा है और यह असल में साइंस एंड टैक्नोलॉजी फ़ैसिलिटीज़ काउंसिल और खनन कंपनी की साझेदारी का नतीजा है.

बॉल्बी अंडरग्राउंड लैबोरेट्री के डायरेक्टर डॉक्टर शान पालिंग कहते हैं, ‘किसी खान में इस तरह की प्रयोगशाला होना अजूबा ही है. यह खानकर्मियों के लिए भी अजूबे से कम नहीं. उन्हें यक़ीन नहीं होता कि हमने यहां प्रयोगशाला बना रखी है.’

हाल तक यहां चलने वाले शोध कार्य का केंद्र बिंदु डार्क मैटर की तलाश रहा है. डार्क मैटर यानी वो कण जिनसे ब्रह्मांड का चौथाई हिस्सा बना है. हालांकि अब यह टीम अपने शोध के दायरे को बढ़ा रही है.

सुलझेंगे ब्रह्मांड के सवाल

Image caption जांच से पता चला है कि इस खान में कुछ जीवों की अजीबोग़रीब प्रजातियां मौजूद हैं.

डॉ. पालिंग के मुताबिक़, ‘जिस वजह से हम यहां आए हैं उसकी वजह यहां का बेहद शांत वातावरण है. यहां प्राकृतिक विकिरण का बिल्कुल ख़तरा नहीं जो धरती की सतह पर मिलता है.’

डॉ. पालिंग कहते हैं, ‘मगर बहुत से ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो आप इस वातावरण में कर सकते हैं. हमारा एक प्रोजेक्ट वातावरण पर शोध के संबंध में है. कुछ रेडियो डेटिंग और कार्बन कैप्चर पर भी काम चल रहा है और अब एस्ट्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला शुरू की गई है.’

वह बताते हैं, ‘इसमें कोई विरोधाभास नहीं, आप अक्सर ऐसे सवालों से दो-चार होते हैं कि ब्रह्मंड किस चीज़ से बना है और क्या दूसरे ग्रहों पर जीवन है या वहां जीवन किस तरह का है. अभी तक हम इसका ज़मीन के भीतर अध्ययन कर रहे हैं पर यही असल में हो रहा है. इस तरह के वातावरण में ही ऐसा शोध कर पाना मुमकिन है.’

अभी शोध शुरुआती दौर में है पर जेनेटिक जांच से पता चला है कि इस खान में कुछ जीवों की अजीबोग़रीब प्रजातियां मौजूद हैं. उम्मीद की जा रही है कि एक दिन हम यहां काफ़ी विकसित जीवन का पता लगा पाएंगे. इस बात की संभावना ज़्यादा है कि इस खान में मौजूद सामान्य से जीव ही शायद एलियन प्रजातियां साबित हों.

प्रोफ़ेसर चार्ल्स कॉकेल कहते हैं, ‘विज्ञान के सामने सबसे रोचक प्रश्न यही है कि क्या ब्रह्मांड में कहीं जीवन मौजूद है. इसलिए बॉल्बी में चल रही इसी जीवन की तलाश कोई आशावाद नहीं है. इसके पीछे वैज्ञानिक आधार है कि क्या ब्रह्मांड में धरती से परे कहीं जीवन है और अगर है तो क्या वह पृथ्वी जैसा है. अगर ऐसा नहीं तो ऐसा क्यों है.’

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