बाज़ार में आ रहा है 'सस्ता आईफ़ोन'

  • 10 सितंबर 2013

मोबाइल हैंडसेट के बाज़ार में एक बार फिर घमासान मचने की उम्मीद की जा रही है.

ऐपल भारतीय समय के मुताबिक आज रात करीब 10 बजे आईफोन 5एस और आईफोन 5सी नाम से दो हैंडसेट लाँच करने जा रही है.

दुनिया भर में ऐपल के फोन को सैमसंग से तगड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

बताया जा रहा है कि आईफोन 5सी आईफोन का सस्ता संस्करण है और यह भारतीय बाजारों में काफी लोकप्रिय हो सकता है.

भारत में भी आईफोन के चाहने वालों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन अक्सर वो अधिक कीमत के कारण पीछे हट जाते हैं.

ऐपल अभी तक आईफोन के छह मॉडल लाँच कर चुकी है. आइए एक नज़र डालते हैं आईफोन के अब तक के सफर पर-

आईफोन: सफर की शुरुआत

पहली पीढ़ी के आईफोन को महीनों तक चली अटकलों और अफवाहों के बाद नौ जनवरी 2007 को लाँच किया गया.

ऐपल के सीईओ स्टीव जॉब्स ने पहली बार मल्टी-टच टच स्क्रीन की अवधारणा पेश की.

इस फोन को लेकर लोगों का उत्साह इतना अधिक था कि फोन लाँच होने के कई दिन पहले ही हजारों लोग ऐपल के स्टोर पर लाइन लगाकर खड़े हो गए थे और एक घंटे के अंदर ही स्टोर्स में आईफोन का स्टॉक खत्म हो गया.

आईफोन 3जी: नए फीचर्स

यह आईफोन की दूसरी पीढ़ी का फोन था, जिसे सैन फ्रांसिस्को में 9 जून 2008 को लाँच किया गया.

वैसे तो आईफोन थ्रीजी अपने पूर्ववर्ती मॉडल जैसा ही था, लेकिन इसमें जीपीएस, थ्रीजी डाटा और ट्राई बैंड जैसे कई नए हार्डवेयर फीचर जोड़े गए.

इस मॉडल को आईफोन ओएस ऑपरेटिंग सिस्टम की पेशकश का फायदा भी मिला. इस फोन में शामिल पुश ईमेल और टर्न बाई टर्न नेविगेशन जैसे फीचर्स काफी लोकप्रिय हुए. यह फ़ोन काले और सफेद, दो रंगों में आई थी.

आईफोन 3जी एस: रफ्तार की मज़ा

8 जून 2009 को लाँच किए गए इस मॉडल में स्पीड पर ज़ोर दिया गया.

इस आईफोन की खासियत वीडियो रिकॉर्डिंग और वॉइस कंट्रोल था. इससे वीडियो रिकॉर्डिंग और एडिटिंग के साथ ही हाई क्वालिटी तस्वीर खींची जा सकती थी.

आईफोन थ्रीजी की स्टोरेड क्षमता बढ़कर 32 जीबी हो गई, जबकि पूर्ववर्ती मॉडल की क्षमता 16 जीबी ही थी.

आईफोन 4: वीडियो कॉलिंग

आईफोन का यह चौथा मॉडल था, जो कई बदलाव एक साथ लाया.

इसकी सबसे बड़ी खासियत वीडियो कॉलिंग की सुविधा के रूप में थी. इसके लिए फोन के फ्रंट में भी कैमरे की सुविधा दी गई.

इस फोन ने इंटरनेट तक पहुंच को अधिक सुगम बनाया. यह फोन मल्टी टच डिस्प्ले पर पूरी तरह से अंगुलियों के इशारे पर संचालित होता था.

इस फोन में माइक्रो सिम का इस्तेमाल किया गया. इसका डिजाइन पूरी तरह से नया था.

आईफोन 4एस: जॉब्स के नाम

यह आईफोन की पांचवी पीढ़ी का फोन था.

इस फोन की घोषणा चार अक्टूबर 2011 को हुई, जबकि इसके ठीक एक दिन बाद कंपनी के सीईओ स्टीव जॉब्स की मृत्यु हो गई. इस फोन को लांच करने के 24 घंटों के भीतर इसके 10 लाख से अधिक मॉडल बिक गए.

इसकी बाहरी रूपरेखा आईफोन 4 की तरह ही था, हालांकि हार्डवेयर फीचर में काफी सुधार किया गया.

इस फोन में आठ मेगापिक्सल कैमरा और बेहतर वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा शामिल थी. इसमें आईक्लाउड, आईमैसेज, नेटिफिकेशन सेंटर और ट्विटर इंटग्रेशन जैसे फीचर शामिल थे.

आईफोन 4एस में स्टोरेज क्षमता को बढ़ाकर 64 जीबी तक कर दिया गया.

आईफोन 5: चुनौतियों का सामना

आईफोन 5 छठी पीढ़ी का फोन है. यह पिछले मॉडलों के मुकाबले अधिक पतला और हल्का फोन है.

इसमें टच स्क्रीन को भी बेहतर बनाया गया. इस फोन की बिक्री पूर्ववर्ती मॉडलों के मुकाबले कई गुना अधिक थी.

इन फोन में नैनो सिम का इस्तेमाल किया गया और फोन की मैमोरी 512 एमबी से बढ़ाकर एक जीबी कर दिया गया.

12 सितंबर, 2012 को इस फोन की पेशकश के तुरंत बाद सैमसंग ने अदालत में ऐपल के खिलाफ मुकदमा दायर किया कि ऐपल ने उसके आठ पेटेंट का उल्लंघन किया है.

ग्राहकों को इस फोन के हार्डवेयर में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

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