बच्चों की परवरिश और अंडकोष में कैसा संबंध?

बच्चों की परवरिश करते एक पिता

वैज्ञानिकों ने बच्चों की परवरिश में दिलचस्पी और पिता के अंडकोष के आकार के बीच संबंधों का पता लगाया है.

अमरीका के इमोरी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कहा है कि जिन लोगों के अंडकोष छोटे होते हैं, उनके अपने बच्चों की नैपी बदलने, उन्हें खाना खिलाने और समय पर नहलाने के काम में शामिल होने की संभावना रहती है.

हालांकि ये अध्ययन केवल अटलांटा के पुरुषों पर किया गया है, इसलिए सामाजिक और जीव विज्ञान के नज़रिए से इसके व्यापक परिपेक्ष्य की पड़ताल अभी बाक़ी है.

मस्तिष्क के स्कैन में अंडकोष के आकार और अपने बच्चे के चित्र को निहारने में संबंध का पता चला है. लेकिन सांस्कृतिक उम्मीद जैसे कारकों का भी इसमें योगदान होता है.

जानवरों में अंडकोष के आकार और उनके स्वच्छंद संभोग के स्तर में भी एक मज़बूत संबंध पाया गया, बड़े अंडकोष वाले जानवर अधिक साथियों के साथ संभोग में लगे रहते हैं.

संभोग का समय

शोधकर्ता संभोग में लगने वाले समय और प्रयास या बच्चों की परवरिश में लगाए गए समय के बीच संबंधों के एक विकासवादी सिद्धांत की एक जांच-पड़ताल कर रहे थे.

यह शोध नेशनल अकादमी ऑफ़ साइंस के जर्नल में प्रकाशित हुआ है. इसमें 70 पुरुषों को शामिल किया गया, जिनके एक से दो साल के बच्चे थे. वैज्ञानिकों ने इन पुरुषों के अंडकोष के आकार और उनके पिता बनने के बीच के संबंधों की पड़ताल की.

इस अध्ययन में अटलांटा के एमोरी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम ने इन पुरुषों के दिमाग़ का उस समय स्कैन किया जब वे बच्चे के चित्र देख रहे थे.

इसमें पता चला कि छोटे अंडकोष वाले लोगों के दिमाग़ में बड़े आकार के अंडकोष वाले लोगों की तुलना में दिमाग़ में अधिक प्रतिक्रिया हुई.

इस एमआरआई में छोटे और बड़े अंडकोष वाले लोगों के समूह की मात्रा में तीन गुना अंतर पाया गया.

पुरुषों और माँओं से लिए गए इंटरव्यू के आधार पर पता चला कि छोटे अंडकोष वाले पिता के भी बच्चों के परवरिश में सक्रिय होने की अधिक संभावना थी.

पुरुष की प्रकृति

शोधकर्ताओं में से एक डॉक्टर जेम्स रिलिंग ने बीबीसी से कहा, ''इससे हमें पता चला कि कुछ लोग प्राकृतिक रूप से ही दूसरों की तुलना में अधिक ध्यान रखने वाले होते हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह दूसरे पुरुषों को छोड़ देता है. यह दूसरे पुरुषों के लिए अधिक प्रयास की ज़रूरत हो सकती है.''

इनमें से किसी भी कड़ी की वास्तविक प्रकृति बहुत साफ़ नहीं है.

शोधकर्ताओं का मानना है कि अंडकोष, शायद टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन की वजह से व्यवहार को प्रभावित करता है. लेकिन यह साफ़ नहीं है कि बच्चा पैदा करने की प्रक्रिया पिता पर प्रभाव डाल सके.

डॉक्टर रिलिंग कहते हैं, ''हम जानते हैं कि पुरुष जब पिता के रूप में सक्रिय होते हैं तो टेस्टोस्टेरोन का स्तर नीचे चला जाता है.''

इस विषय में और साफ़ निष्कर्षों के लिए और अधिक अध्ययन की ज़रूरत है, जैसे पिता बनने से पहले और बाद के अंडकोष का आकार का विश्लेषण.

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