सेक्स जो सच में ले लेता है जान

एंटेचाइनस
Image caption एंटेचाइनस भी इन्हीं प्रजातियों में से एक है

एक नए अध्ययन से पता चलता है कि मार्सुपियल्स (ख़ास स्तनपायी प्रजाति) इस तीव्रता से सहवास करते हैं कि उसके चलते उनकी मौत तक हो जाती है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे नर जीव ज्यादा से ज्यादा मादाओं के साथ सहवास करते हैं और उनके ये सहवास सत्र कई बार 14 घंटों तक लगातार चलते हैं.

ये अध्ययन पीएनएएस जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

ताज़ा अध्ययन में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिणी अमरीका और पापुआ न्यू गिनी में छोटी और कीड़े खाने वाली 52 मार्सुपियल्स प्रजातियों के जीवों के यौन व्यवहार का अध्ययन किया गया.

इसमें पता चला कि एंटेचाइनस, फैसकोगेल, डेसीकालुटा जैसी जीवों में नर को पिता बनने की क़ीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है.

तनाव का स्तर

जान के लिए जोखिम बनने वाली ये प्रवृत्ति उन क्षेत्रों में ख़ास तौर से पाई जाती है जहां वर्ष की एक विशेष अवधि में अत्यधिक खाना होता है.

ऐसे में इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि मादाएं सहवास के समय को छोटा रखें ताकि जब वो बच्चे को जन्म दें तो खाने के लिए भरपूर खाना हो. मादाएं इस दौरान बहुत से नरों के साथ सहवास करती हैं.

ये अध्ययन क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी की डॉ. डायना फ़िशर के नेतृत्व में हुआ है. वो कहती हैं, “जो मादाएं ज्यादा नरों के साथ सहवास करती हैं, वो अच्छी गुणवत्ता वाले शुक्राणुओं को ही धारण करती हैं.”

अध्ययन के मुताबिक़ इस दौरान नर ज्यादा से ज्यादा मादाओं के साथ सहवास करते हैं. और ये ज्यादा से ज्यादा अवधि के लिए भी होता है. इसके उन्हें आपस में लड़कर अपनी ताक़त भी साबित करनी होती है.

उनमें इसके लिए ऊर्जा टेस्टोरोन समेत कई हार्मोनों के बदलाव के कारण आती है.

डॉ. फ़िशर कहती हैं कि इन रसायनों के कारण उनमें तनाव का स्तर भी बहुत बढ़ जाता है जिससे निपटने में वे सफल नहीं हो पाते हैं.

ये जीव इंसानों की तरह अपने तनाव से निपटने में सक्षम नहीं होते हैं.

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