एक्सीडेंट से अपने आप बचाएगी कार

जल्द ही आपके पास एक ऐसी कार होगी जो कि सामने किसी अवरोध के आने पर ख़ुद-ब-ख़ुद कार को दूसरी दिशा में मोड़ देगी.

जर्मनी में एक ऐसी कार का परीक्षण किया गया है जो सामने किसी अवरोध के आने से पहले ही कार की स्टीयरिंग को नियंत्रित कर लेती है और किसी भी तरह की टक्कर होने से बचा लेती है.

कार निर्माता कंपनी फ़ोर्ड का कहना है कि कार में लगाया गया ये नया सिस्टम पहले तो ड्राइवर को सचेत करता है, लेकिन यदि ड्राइवर का फिर भी इस पर ध्यान नहीं जाता तो सिस्टम ख़ुद स्टीयरिंग पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लेता है.

एक विशेषज्ञ का कहना है कि ये सिस्टम 'चालकविहीन कार' के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है.

इस सिस्टम में तीन रडार, कई अल्ट्रासोनिक सेंसर और एक कैमरा लगा है जिसकी मदद से ये 200 मीटर तक के किसी अवरोध की पहचान कर लेता है और ड्राइवर को सतर्क कर देता है.

Image caption ये सिस्टम किसी खतरे की स्थिति में स्टीयरिंग को अपने नियंत्रण में ले लेता है

इसके अलावा सामने लगी एक स्क्रीन पर चेतावनी चिह्न भी बना है जो कि अवरोध की स्थिति में चमकने लगता है. इसके बाद यदि ज़रूरत पड़ती है तो ये सिस्टम कार में ब्रेक भी लगा देता है, या फिर ख़ीली जगह की ओर कार को मोड़ देता है और किसी भी दुर्घटना से कार और उसमें बैठे लोगों को बचा लेता है.

फ़ोर्ड की यूरोपियन डिवीज़न के उपाध्यक्ष बार्ड समारडिक कहते हैं, "गाड़ी के सामने कोई पैदल यात्री आ रहा हो या फिर कोई अवरोध आ जाए तो पहले तो कार में लगा अलार्मिंग सिस्टम ख़तरे की चेतावनी देता है और उसके बाद स्टीयरिंग को अपने नियंत्रण में ले लेता है."

प्रदर्शन

कंपनी ने इस सिस्टम का प्रदर्शन इसी हफ़्ते बेल्जियम में किया.

फ़ोर्ड कंपनी ने पिछले साल ही एक ऐसा सिस्टम बनाया था जो गाड़ी की लेन यानी जिस पटरी पर चल रही है उसके बारे में चेतावनी जारी करता था. लेकिन ये सिस्टम सिर्फ़ चेतावनी देता था, उसे नियंत्रित नहीं करता.

Image caption सिस्टम में रडार, सेंसर और कैमरे लगे हैं

फ़ोर्ड कंपनी की गाड़ियों में अभी भी एक ऐसा सिस्टम है जो कि सामने किसी स्थाई अवरोध के होने पर कार में ख़ुद-ब-ख़ुद ब्रेक लगा देता है. लेकिन ये सिस्टम सिर्फ़ स्थाई अवरोधों की स्थिति में काम करता है या फिर बहुत कम गति से आ रहे किसी अवरोध के सामने.

लेकिन कंपनी का कहना है कि नया सिस्टम उस अवरोध के बारे में भी सतर्क कर देता है जो साठ किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से सामने आ रहे हों.

दिक्क़तें

इस सिस्टम के निर्माण में बीएमडब्ल्यू, फ़िएट, वोल्वो और फ़ोक्सवैगन जैसी कुछ अन्य कंपनियाँ भी शामिल हैं.

हालांकि इस बारे में कुछ सवाल भी उठ रहे हैं कि गाड़ी चलते समय मशीन ड्राइवर के हाथ से नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगी.

लेकिन इस बारे में फ़ोर्ड का कहना है कि बहुत कम ऐसे लोग होते हैं जो अचानक सामने किसी अवरोध के आ जाने पर इससे बच पाते हैं. कंपनी ने ये आँकड़े जर्मनी के सरकारी विभाग से जुटाए हैं.

हालांकि फ़ोर्ड कंपनी का कहना है कि इस सिस्टम को कार का हिस्सा बनाने के लिए अभी कई और परीक्षणों की ज़रूरत है.

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