पीठ का दर्दः घुमाव वाले जूतों से फ़र्क नहीं पड़ता

रॉकर सोल वाले जूते
Image caption अब तक रॉकर सोल वाले जूतों को पीठ और जोड़ों के दर्द के लिए बेहतर बताया जाता रहा है

कर्व यानी घुमाव वाले अस्थिर तले के जूते पीठ के दर्द को कम करने में पारपंरिक जूतों (ट्रेनर्स) के मुकाबले बेहतर नही हैं. लंदन के किंग जॉर्ज कॉलेज की ओर से किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है.

इससे पहले हुए शोध में कहा गया था कि इन जूतों से खड़े होने के ढंग पर सकारात्मक असर पड़ता है और यह पीठ और जोड़ों के दर्द को रोकने में सहायक होते हैं.

स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़े पेशेवर इन जूतों की सिफ़ारिश करते रहे हैं.

शोध में यह भी कहा गया है कि सामान्य ट्रेनर्स जूते चलने या खड़े होने से होने वाले पीठ के दर्द में लाभदायक हो सकते हैं.

'ट्रेनर जूते बेहतर'

फ़िज़ियोथेरेपिस्ट डॉक्टर शियान मैकरे ने अपनी पीएचडी के दौरान ही इस शोध का नेतृत्व किया.

अस्थिर घुमाव के तले वाले जूतों को अक्सर यह कहकर बेचा जाता है कि वो मांसपेशियों की सक्रियता बढ़ाने में सहायक होते हैं, उनसे पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करने और संतुलन, खड़े होने के ढंग को बेहतर बनाने में मदद मिलती है.

डॉक्टर मैकरे कहती हैं कि उनके मरीज़ हमेशा पूछते थे कि क्या उनके "रॉकर सोल" वाले जूते ठीक हैं? इसलिए उन्होंने फ़ैसला किया कि वो ये पता लगाएंगी कि क्या उनसे पीठ के दर्द और अन्य परेशानी में सहायता मिल सकती है.

Image caption नए शोध के अनुसार सामान्य ट्रेनर जूते रॉकर सोल वाले जूतों से बेहतर हैं

'स्पाइन' जनरल में छपे इस शोधपत्र के अनुसार पीठ के निचले हिस्से में दर्द की गंभीर दिक्कत से जूझ रहे 115 लोगों को एक दिन में चलते वक्त या खड़े होते समय में कम से कम दो घंटे रॉकर सोल वाले जूते या ट्रेनर जूते पहनने को कहा गया.

उन लोगों को लगभग एक महीने तक हफ़्ते में एक बार व्यायाम और शैक्षिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेना होता था और इस दौरान अपने जूते पहनने होते थे.

छह हफ़्ते, छह महीने और फिर एक साल बाद एक विकलांगता प्रश्नोत्तरी के आधार पर इन प्रतियोगियों की जांच की गई.

शोध के अंत में शोधकर्ताओं ने पाया कि ट्रेनर जूते पहनने वाले लोगों की दिक्कत में रॉकर सोल वाले ग्रुप के मुकाबले काफ़ी कमी आई है.

छह महीने बाद ट्रेनर ग्रुप के लोगों ने पीठ की लोच में 53 प्रतिशत तक सुधार बताया जबकि रॉकर सोल वाले ग्रुप में यह सिर्फ़ 31 प्रतिशत ही था.

शोध के शुरू में जिन 59 लोगों ने कहा था कि खड़े रहने और चलने से उनकी पीठ का दर्द बढ़ गया है उनमें से ट्रेनर जूतों वाले ग्रुप को एक साल बाद दिक्कत में भारी कमी दिखी बनिस्बत रॉकर सोल ग्रुप के.

अन्य शोध

डॉक्टर मैकरे कहती हैं, "ّइस बेतरतीब क्लिनिकल ट्रायल के निष्कर्षों के आधार पर पीठ के निचले हिस्से के गंभीर मरीज़ों को डॉक्टर विश्वास के साथ सलाह दे सकेंगे कि वो कठोर तले वाले जूते पहनें या ट्रेनर पहनें उनकी तकलीफ़ और दिक्कत में फ़र्क समान रूप से पड़ेगा."

"हालांकि अगर मरीज़ को चलने या खड़े होने में पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है तो बेहतर यही होगा कि वो रॉकर सोल वाले जूतों के बजाय ट्रेनर जूते पहनें."

अस्थिर तले वाले जूते बनाने वाली कंपनी मसाई बेयरफ़ूट टेक्नोलॉजी (एमबीटी) के प्रवक्ता नोएल मे कहते हैं, "बहुत से अन्य शोधों में बताया गया है कि घुमाव वाले जूते जोड़ों पर दबाव को कम करते हैं और खड़े होने की मुद्रा पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं."

वह कहते हैं, "मेरे मन में प्रश्नावलियों पर आधारित इस जैसे शोधों को लेकर काफ़ी सम्मान है लेकिन हम सभी जानते हैं कि ठीक होने की प्रश्नावलियों पर कई चीज़ों का प्रभाव पड़ता है- जैसे कि शोध करने वाले व्यक्ति का नज़रिया, अर्थव्यवस्था और तो और मौसम भी."

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