ऐपल के बाद एचटीसी का भी उंगलियों के निशान पढ़ने वाला फ़ोन

HTC One Max smartphone
Image caption एचटीसी के नए वन मैक्स स्मार्टफोन में पीछे की तरफ़ फिंगरप्रिंट स्कैनर है.

स्मार्टफ़ोन और टैबलेट बनाने वाली कंपनी एचटीसी ने अपना नया फ़ोन वन मैक्स लॉन्च कर दिया है. इस एंड्रॉयड फ़ोन की ख़ासियत ये है कि इसमें उंगलियों के निशान पहचानने वाला फ़िंगरप्रिंट स्कैनर है और इसकी स्क्रीन 5.9 इंच लंबी है.

वन मैक्स फ़ोन को दरअसल मंगलवार को चीन में एक पत्रकार सम्मेलन में लॉन्च किया जाना था लेकिन इसकी जानकारी इंटरनेट पर लीक होने की वजह से कंपनी ने उसकी घोषणा तयशुदा समय से एक दिन पहले, सोमवार को, कर दी.

एचटीसी का कहना था कि उसके नए फ़ोन, वन मैक्स की जानकारी पर मंगलवार तक लगाए गए प्रतिबंध को मीडिया के एक सदस्य के तोड़े जाने के बाद कंपनी ने इस रोक को ख़त्म करने का फैसला किया. कंपनी की एक प्रवक्ता का कहना था कि वह प्रतिबंध तोड़ने के लिए ज़िम्मेदार प्रकाशन का नाम नहीं ले सकती थी.

एचटीसी वन फ़ोन को एक बढ़िया फ़ोन माना गया था लेकिन सैमसंग का गैलेक्सी एस4 इससे कहीं ज़्यादा बिका.

इसकी वजह से पहली बार एचटीसी को तिमाही बैलेंसशीट में नुकसान दिखाना पड़ा. इस ताइवानी कंपनी को जुलाई से सितंबर की तिमाही में करीब दस करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ.

दूसरी तरफ़ सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने इसी अवधि के लिए रिकॉर्ड लाभ का पूर्वानुमान किया है.

इस साल सितंबर में ऐपल का आईफ़ोन 5एस भी के आने के बाद एचटीसी का वन मैक्स, फ़िंगरप्रिंट स्कैनर वाला पहला ऐसा एंड्रॉयड हैंडसेट है जो ब्रिटेन में बिकेगा. आईफ़ोन 5एस में ऐसा ही एक कंपोनेंट था.

ख़ासियत

लेकिन इन दोनों से पहले साल 2011 में मोटोरोला के एट्रिक्स हैंडसेट में ये सुविधा आ गई थी. उस फ़ोन में भी पीछे की तरफ़ स्कैनर लगा था लेकिन उससे बिल्कुल ठीक रीडिंग नहीं आती थी जिसकी वजह से कंपनी को अपने बाद के मॉडल में स्कैनर को छोड़ना पड़ा.

हाल के समय में दक्षिण कोरिया की कंपनी पानटेक ने स्कैनर वाला मोबाइल इस साल अगस्त में अपने घरेलू बाज़ार में उतारा. कंपनी ने फ़िंगरप्रिंट स्कैनर वाला फ़ैबलेट-वेगा नोट एलटीई-ए-की घोषणा की है हालांकि उसके लॉन्च की तारीख़ अभी नहीं बताई गई है.

एचटीसी ने कहा है कि वन मैक्स इस महीने के आखिर में बाज़ार में आ जाएगा. एक बयान में कंपनी ने कहा, "फ़िंगरप्रिंट स्कैनर से फ़ोन की स्क्रीन को लॉक या अनलॉक कर अलग-अलग उंगली से फटाफट अपने पसंदीदा तीन ऐप चालू किए जा सकते हैं."

ऐपल कंपनी के सॉफ़्टवेयर प्रमुख क्रेग फ़ेडरिगी ने हाल ही में ब्लूमबर्ग समाचार एजेंसी को बताया था कि आईफ़ोन उपभोक्ताओं की उंगलियों के निशान फ़ोन में संचित करने के लिए कंपनी ने अपने ए7 प्रोसेसर में एक ''वॉल्ड-ऑफ़'' एंक्लेव डिज़ाइन किया है जिससे ये बायोमीट्रिक जानकारी फ़ोन से ''बाहर न जा सके''.

सुरक्षा चिंताएं

Image caption एचटीसी अपने नए हैंडसेट के साथ एक ख़ास केस दे रही है जिससे फोन की बैटरी ज़्यादा चलेगी.

दूसरी तरफ़ एचटीसी ने अपने नए हैंडसेट में पहले से बाज़ार में मौजूद क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 600 प्रोसेसर लगाया है लेकिन कंपनी ने अपने उपभोक्ताओं को कई आश्वासन दिए हैं.

कंपनी का दावा है, "उंगलियों के निशान का डाटा इनक्रिप्टिड है और फ़ोन की लोकल मेमोरी में मौजूद है और न तो इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है और न ही इसकी नकल हो सकती है. उंगलियों के निशानों को किसी और फ़ॉर्म में आसानी से बदला नहीं जा सकता और न ही कोई दूसरा व्यक्ति इसे इस्तेमाल कर सकता है."

हालांकि एक विशेषज्ञ का कहना था कि कंपनी को अब भी और ज़्यादा जानकारी देने की ज़रूरत है.

कंसल्टेंसी फ़र्म चार्टरिस के मुख्य तकनीकी अधिकारी ऐलन वुडवर्ड ने कहा, "ज़ाहिर सा सवाल है: कंपनी किस तरह का इनक्रिप्शन इस्तेमाल कर रही है?"

वुडवर्ड कहते हैं, "सीधी सी बात है कि जब भी आपकी बायोमीट्रिक जानकारी सुरक्षा कारणों से संचित की जाती है, उसके ग़लत इस्तेमाल की संभावना होती है. इसलिए उपभोक्ता हमेशा चाहेगा कि उसके उंगलियों के निशान इस तरह से संचित हों कि अगर उसका फ़ोन खो जाए, या उसे हैक किया जाए या फिर अवैध तरीके से उस जानकारी तक पहुंच बन जाए, तब भी निशान आसानी से इस्तेमाल न किए जा सकें."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार