किशोरों का शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर बनाता कसरत

  • 24 अक्तूबर 2013
Image caption शोध के मुताबिक जो बच्चे कसरत करते हैं वे पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करते हैं.

एक नए अध्ययन के मुताबिक कसरत से किशोरों का शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर होता है.

करीब पांच हज़ार बच्चों पर किए गए इस अध्ययन में अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषय की परीक्षा और कसरत के बीच में संबंध पाया गया.

अध्ययन के मुताबिक 17 मिनट तक कसरतकरने पर लड़कों और 12 मिनट तक कसरत करने पर लड़कियों के प्रदर्शन में सुधार देखा गया.

स्ट्रैथक्लाइड और डूंडी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि कसरत के कारण विज्ञान विषय में लड़कियों का प्रदर्शन विशेषकर बेहतर हुआ.

अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक इस अध्ययन से लिंग भेद के कारण कसरत का दिमाग पर अलग-अलग असर पड़ने का भी पता चलता है.

जिन बच्चों ने नियमित कसरत की, उन्होंने न केवल 11 साल की उम्र में बल्कि 13 और 16 साल की उम्र में भी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन किया.

किशोरों को हर रोज़ एक घंटे तक शारीरिक गतिविधि करने का सुझाव दिया जाता है लेकिन अधिकतर किशोर इससे काफी कम कसरत करते हैं.

शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया है कि अगर किशोर हर रोज 60 मिनट तक कसरत करते तो उनका प्रदर्शन कितना बेहतर होता.

उन्होंने दावा किया कि 15 मिनट तक कसरत करने के कारण किशोरों का प्रदर्शन एक चौथाई ग्रेड बेहतर हुआ. ऐसे में यह संभव है कि अगर किशोर हर रोज़ एक घंटे तक कसरत करते तो उनके प्रदर्शन में पूरे एक ग्रेड का सुधार होता.

अध्ययन करने वाले दल में शामिल डूंडी यूनिवर्सिटी के डॉ. जोइस बोथ ने कहा, ''शारीरिक गतिविधियां स्वस्थ रहने के साथ-साथ अन्य चीज़ों के लिए भी ज़रूरी हैं. माता-पिता, नीति निर्माताओं और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए ये नतीज़े काफी मायने रखते हैं.''

ब्रिटेन के जर्नल स्पोर्ट्स मेडिसीन में छपे इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा है कि इस बारे में आगे होने वाले अध्ययन के नतीज़ों से सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा नीति पर असर पड़ सकता है.

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