सेल्फ़ ड्राइविंग कार, ग्लास के बाद अब गूगल रोबोट

  • 5 दिसंबर 2013
मेका एम-1 रोबोटिक सिस्टम
Image caption मेका के एम-वन रोबोट्स की तकनीक गूगल ने अधिगृहीत की है.

गूगल ने पिछले छह महीने में सात रोबोट बनाने वाली कंपनियों का अधिग्रहण किया है और नए उत्पाद विकसित करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती भी शुरू कर दी है.

गूगल के एक प्रवक्ता ने बताया है कि एंड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम निर्माण के प्रमुख रह चुके एंडी रुबिन गूगल के नए प्रयास का नेतृत्व कर रहे हैं.

हालांकि गूगल ने अभी तक ये नहीं बताया है कि वो किस तरह के रोबोट विकसित करेगा.

'न्यूयार्क टाइम्स' अख़बार की एक रिपोर्ट के अनुसार गूगल फ़िलहाल जिन रोबोट्स पर काम कर रहा है, उन्हें वो अभी बेचना नहीं चाहता.

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भविष्य के रोबोट

अख़बार का कहना है कि गूगल सेल्फ़-ड्राइविंग कार में इस्तेमाल होने वाले रोबोट्स पर काम कर रहा है, ताकि सामानों की होम डिलीवरी में मदद मिल सके.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक़ हाल ही में गूगल ने सैन फ्रांसिस्को और सैन जोस में 'गूगलशॉपिंग एक्सप्रेस' के नाम से किराने का सामान घर पहुंचाने वाली सेवा शुरू की है.

यह भविष्य में अमेज़न की 'प्राइम एअर' प्रोजेक्टस को चुनौती दे सकता है जो ड्रोन के माध्यम से उपभोक्ताओं को सामान पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है.

हालांकि गूगल खुद अपनी परियोजना के बारे में जब तक नहीं बताता, तब तक इस परियोजना की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल है.

एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के रोबोटिक लैब विभाग के निदेशक प्रोफ़ेसर सेतु विजयकुमार कहते हैं, "यह साफ़ है कि पर्सनल रोबोट और इससे जुड़ी अन्य तकनीकों के बाज़ार में उतरने के दिन बहुत करीब हैं."

उन्होंने कहा, "अब तक रोबोट बनाने संबंधी तकनीक की दिशा में गति और सेंसिंग सिस्टम में काफ़ी तरक्की हुई है. अब मुख्यधारा की गूगल जैसी कंपनियां चुनौती के लिए तैयार हैं. इससे ताक़तवर सॉफ्टवेयर के एकीकरण, मानकीकरण और माड्युलर डिज़ाइन बनाने में तेज़ी आएगी."

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गूगल के रोबोट्स

Image caption गूगल ने इंसानों की तरह दिखने वाले रोबोट्स बनाने वाली जापानी कंपनी की एक टीम को नियुक्त किया है.

अनुसंधान के क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी का रोबोटिक प्रोजेक्ट पॉलो ऑल्टो, कैलीफ़ोर्निया में है और इसका एक कार्यालय जापान में भी होगा. जापान भी रोबोटिक्स के क्षेत्र में काफ़ी आगे है.

न्यूयार्क टाइम्स से बात करते हुए गूगल रोबोट्स का नेतृत्व कर रहे एंडी रुबिन कहते हैं, 'इसे अमल में लाने के लिए गूगल की दस साल की योजना है.'

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है किरोबोटिक्समें काफ़ी संभावनाएं हैं."

वो कहते हैं, "हम हार्डवेयर बना रहे हैं, सॉफ़्टवेयर बना रहे हैं. हम ऐसे सिस्टम बना रहे हैं, ताकि एक टीम इस पूरी प्रक्रिया को क्रमबद्ध तरीके से समझ सके."

गूगल की अधिगृहीत की गई कंपनियां इन क्षेत्रों में प्रयास करने वाली हैं. जिन कंपनियों का गूगल ने अधिग्रहण किया है, वो हैं:

ऑटोफ़सः अमरीका के सैन फ्रांसिस्को में स्थित ये कंपनी रोबोट्स के माध्यम से विज्ञापन बनाने की योजना पर काम कर रही है. गूगल के कुछ विज्ञापन कैंपेन के लिए इसने काम भी किया है.

बॉट एण्ड डॉलीः यह ऑटोफ़स की सहायक कंपनी है, जिसे सटीक गति वाले रोबोट्स और फ़िल्म निर्माण में विशेषज्ञता हासिल है.

(पढ़ेंः कभी देखा है इतना विशाल रोबोट)

होलोम्नीः कैलीफ़ोर्निया की कंपनी को ढलवां मॉड्यूल्स बनाने में महारथ हासिल है, जो गाड़ी को किसी भी दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ा सकते है.

इंडस्ट्रियल परसेप्शनः पॉलो ऑल्टो के मुख्यालय में स्थित कंपनी का मुख्य व्यवसाय थ्री-डी विजन गाइडेड रोबोटिक तकनीक विकसित करने पर केंद्रित है ताकि ट्रकों पर सामान की लदाई और उतारने के काम को स्व-चालित बनाया जा सके.

मेका रोबोटिक्सः मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलजी से टूटकर बनी कंपनी रोबोट के विभिन्न हिस्सों का निर्माण करती है जो मानवीय जरूरत के अनुकूल और सुरक्षित हों.

रेडवुड रोबोटिक्सः सैन फ्रांसिस्को स्थित यह कंपनी अगली पीढ़ी के रोबोट्स की भुजाएँ बनाने के काम में लगी है, जिसका उत्पादन, वितरण और स्वास्थ्य जैसे सेवा क्षेत्र में उपयोग हो सके.

साफ्टः टोक्यो यूनिवर्सिंटी से निकली यह कंपनी मनुष्य के शक्ल वाले रोबोट्स के विकास और संचालन के क्षेत्र में काम करती है.

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