क्यों ख़तरनाक है सिर की चोट?

दिमाग़

माइकल शूमाकर स्कीइंग करते हुए ज़ख़्मी होने के बाद अभी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं.

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि सिर पर लगी मामूली सी चोट के भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं. सिर को लगने वाला कोई भी धक्का ख़तरनाक हो सकता है लेकिन शुक्र इस बात का है कि ज़्यादातर धक्के ऐसे नहीं होते.

दिमाग़ बहुत नाज़ुक अंग है जो बहुत असुरक्षित होता है.

हालांकि ये खोपड़ी के अंदर होता है, तेज़ी से आगे, पीछे या घूमने से दिमाग़ को नुकसान पहुंच सकता है. इस तरह के बहुत मामूली ज़ख़्म से भी ऐसी चोट हो सकती है जो बहुत बड़ी हो सकती है.

हो सकता है कि शुरुआत में कोई बड़ा नुकसान न हो- कम से कम बाहरी तौर पर.

वास्तव में, जो लोग गंभीर टक्कर के शिकार होते हैं वे पहली नज़र में ठीकठाक नज़र आ सकते हैं लेकिन लक्षण सामने आने में 48 घंटे लग सकते हैं.

'डॉक्टर की सलाह अहम'

जिस किसी को भी सिर पर आघात लगे उसे तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए भले ही चोट कम दिखाई दे.

आघात की जो ताकत होती है उसकी वजह से दिमाग़ ऐंठ सकता है या तंत्रिकाओं और ऊतकों को नुकसान पहुंच सकता है.

खोपड़ी में जो तीखे अंदरूनी उभार होते हैं उनसे दिमाग़ के अंदर की खून लाने ले जाने वाली वाहिनियां फट सकती हैं और रक्तस्राव हो सकता है.

जैसा कि शरीर के चोट खाए किसी भी अंग के साथ होता है, दिमाग़ में भी सूजन आ सकती है. जब कहीं निकलने की जगह नहीं मिलेगी तो दबाव बढ़ सकता है और दिमाग़ दब सकता है. ये आपात स्थिति है.

दिमाग़ की चोट को लेकर जानकारी उपलब्ध कराने वाली चैरिटी संस्था हेडवे के ल्यूक ग्रिग्स कहते हैं, "सिर की चोट को लेकर कोई तयशुदा नियम नहीं हैं. एक सीधी सादी चोट भी घातक हो सकती है जैसा हमने नताशा रिचर्डसन के मामले में देखा था."

'हेलमेट ज़रूरी'

हॉलीवुड अभिनेता लायम नीसन की पत्नी नताशा रिचर्डसन की मौत एक स्कीइंग हादसे में सिर पर लगी चोट की वजह से हुई थी. शुरुआत में तो चोट के कोई निशान नहीं दिखे लेकिन बाद में उनकी हालत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

Image caption डॉक्टरों की सलाह है कि स्कीइंग करने वालों को हेलमेट ज़रूर पहनना चाहिए.

ग्रिग्स कहते हैं, "गंभीर चोटों में हमने देखा है कि लक्षण सामने आने में वक़्त लग सकता है. सूजन तुरंत नहीं होती और नुकसान दिखने में समय लग सकता है. इसलिए ये ज़रूरी है कि डॉक्टर की सलाह ली जाए, भले ही कोई लक्षण न हो."

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे लोग जिनके सिर में चोट लगे उन्हें कम से कम दो दिन तक निगरानी में रखा जाना चाहिए.

किसी तरह का उनींदापन, बेहोशी, संतुलन की समस्या, उल्टी या तेज़ सिरदर्द एक तरह की चेतावनी है जिसे नज़रंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए.

स्कीइंग की चोटों के इलाज के विशेषज्ञ डॉक्टर माइक लैंगरन का कहना है कि ज़्यादातर स्की रिज़ॉर्ट में डॉक्टर होते हैं जो इस तरह की चोटों से निपट सकते हैं.

वह कहते हैं, "इस तरह के हादसे स्की करने वालों में कभी-कभार ही होते हैं हालांकि उन्हें मीडिया में काफ़ी जगह मिलती है. जैसा किसी भी तरह की मनोरंजन गतिविधि में होता है, बर्फ़ के खेलों के दौरान भी ख़तरों को पूरी तरह से खत्म करना असंभव है."

उनका कहना है कि स्कीइंग करने वालों को हेलमेट पहनना चाहिए ताकि चोट न लगे या नुकसान कम से कम हो.

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