कुत्ते में मिला 11 हज़ार साल पुराना कैंसर

संक्रामक कैंसर इमेज कॉपीरइट Sanger Institute

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के अनुसार दुनिया का सबसे पुराना ज्ञात जीवित कैंसर 11 हज़ार साल पुराना है. विलक्षण प्रकार का यह संक्रामक कैंसर कुत्तों में पाया जाता है.

यह कैंसर सबसे पहले एक कुत्ते में विकसित हुआ और तब से प्रजनन के माध्यम से वर्तमान पीढ़ियों तक जीवित है.

कैंब्रिज के निकट स्थित वेलकम ट्रस्ट सैंगर इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों की टीम ने इस कैंसर के डीएनए को डीकोड किया है.

इस शोध में उस कुत्ते के 'जेनेटिक आइडेंटीकिट' का पता चला है, जिसमें सबसे पहले य़ह कैंसर विकसित हुआ था.

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शोधकर्ताओं के अनुसार यह कुत्ता मध्यम आकार का था और उसके बाल छोटे और गाढ़े भूरे या काले रंग के थे.

इस शोध परियोजना में प्रमुख शोधकर्ता डॉ. एलीज़ाबेथ मर्चिसन के अनुसार, "हमें नहीं पता कि इस ख़ास कुत्ते में संक्रामक कैंसर का विकास क्यों हुआ."

वे आगे कहती हैं, "लेकिन समय में पीछे जाना और इस कुत्ते की पहचान खोजना काफ़ी मजेदार था जिसका जीनोम अभी कैंसर की उस कोशिका में अभी भी जीवित है जिसे उसने जन्म दिया है."

संक्रामक कैंसर

Image caption शोधकर्ताओं के अनुसार यह कैंसर कुत्तों के एक छोटे से समूह से सैलानियों के साथ संभवतः पूरी दुनिया में फैला.

कुत्ते में पाया जाने वाला यह कैंसर दुर्लभ प्रकार का है. यह कैंसर यौन संसर्ग से फ़ैलने वाले अब तक दो ज्ञात कैंसरों में से एक है. दोनों प्रकारों के कैंसर जानवरों में पाए जाते हैं. इसे 'श्वान-संक्रामक कैंसर' कहते हैं और इसके कारण जननांगो में ट्यूमर बन जाता है.

इस कैंसर के जीनोम को डीकोड करके शोधकर्ताओं ने इसके म्यूटेशन के प्रकार की जांच की. यह म्यूटेशन एक 'आण्विक घड़ी' की तरह काम करता है. शोधकर्ताओं को इसकी उत्पत्ति का समय ज्ञात करने में सफलता मिली और उन्होंने पाया कि यह 11 हज़ार साल पुराना है.

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आश्चर्य की बात यह है कि यह कैंसर लाखों जेनेटिक परिवर्तनों के बाद भी बचा रहा.

डॉ. मर्चिसन कहती हैं, "जिस कुत्ते में यह कैंसर पैदा हुआ, उस कुत्ते की मृत्यु के साथ कैंसर ख़त्म नहीं हुआ. यह दूसरे कुत्तों में फैल गया. यह सबसे पुराना और सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है जिसके वंशानुक्रम के बारे में हम जानते हैं."

पूरी दुनिया में प्रसार

शोधपत्रिका साइंस में प्रकाशित इस शोध में बताया गया है कि लंबे समय तक यह कैंसर कुत्तों के एक समूह में ही मौजूद रहा है.

उसके बाद पिछले 500 साल में यह पूरी दुनिया में फैला. यह संभवतः उन कुत्तों के साथ दुनिया के दूसरे हिस्सों में गया जिन्हें खोजी सैलानी यात्राओं में अपने साथ लेकर जाते थे.

मात्र दो संक्रामक कैंसरों में दूसरा कैंसर फेशियल कैंसर तस्मानियम डेविल नामक जानवर में पाया जाता है और यह काटने से फैलता है.

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सैंगर इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफ़ेसर सर माइक स्ट्राटसन कहते हैं, "कुत्तों के संक्रामक कैंसर के जीनोम से हमें उस प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी, जिसकी वजह से ये कैंसर संक्रामक हो गया."

ज़्यादातर कैंसर शरीर की किसी एक कोशिका में म्यूटेशन के कारण उत्पन्न होते हैं और इसी कारण यह नियंत्रण से बाहर हो जाता है.

कैंसर कोशिकाएँ मेटास्टेसिस नामक प्रक्रिया के तहत शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्सों में फैलती हैं लेकिन यह बहुत ही विलक्षण स्थितियों में ही कैंसर उससे पीड़ित प्राणी के शरीर से दूसरे में संक्रमित होता है.

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