'महिलाओं के झूठ' से उठा ट्विटर पर तूफ़ान

नाराज़ आदमी और औरत इमेज कॉपीरइट THINK STOCK

हैशटैग महिलाओं द्वारा बोले गए झूठ (#LiesToldByFemales) अमरीका के ट्रेंडिंग चार्ट्स में सबसे ऊपर चल रहा है लेकिन इसके हाथ ही इसका अपेक्षित विरोध भी हो रहा है.

मंगलवार की रात एक अमरीकी ने ट्विटर पर पोस्ट किया "तो विषय है.... हैशटैग महिलाओं द्वारा बोले गए झूठ- चलिए अब शुरू हो जाते हैं."

और इसके बाद यह चालू हो गया. दो घंटे बाद यह 6,000 से ज़्यादा बार इस्तेमाल किया जा चुका था और एक दिन के अंदर ही यह इतना फैल गया कि इसके विरोधी विषयों और बदले हुए विषयों पर 1,00,000 से ज़्यादा ट्वीट किए जा चुके थे.

पुरुषों ने ट्विटर पर अपनी साथियों की शिकायतों की बाढ़ ला दी. जो सबसे बड़ी शिकायत उभर कर आई, वह थी कि महिलाएं नाराज़ न होने का दावा करते हुए- धीरे-धीरे ग़ुस्से से उबलती रहती हैं.

खुद को "मैं एडी पर एसएनईएस (एक वीडियोगेम) खेलता हूं" बताने वाले एक यूज़र ने लिखा, "'मैं गुस्सा नहीं हूं....' का मतलब दरअसल होता है 'जब तुम सो रहे होगे तब मैं तुम्हारी हत्या कर दूंगी'."

बहुत से लोगों ने इस हैशटैग को "मैं ठीक हूं" के साथ इस्तेमाल किया.

मर्दों के झूठ

लेकिन जैसा कि अपेक्षित ही था अचानक इस हैशटैग के साथ महिलाओं से नफ़रत करने वाले ट्वीट आने लगे और बहुत से यूज़र्स ने उनका विरोध करने की कोशिश की जो उनके हिसाब से आपत्तिजनक थे.

अमांडा मारकॉट ने इस ट्रेंड के खिलाफ़ नकारात्मक टिप्पणियां की थीं. उन्होंने बीबीसी को कहा, "महिला और पुरुष दोनों झूठ बोलते हैं क्योंकि ऐसा करना लिंग पर आधारित नहीं, यह इंसानों द्वारा किए जाने वाली चीज़ है. इसके लिए 'औरतों' को ही निशाना क्यों बनाया जाए."

कुछ ही घंटे बाद एक विरोधी हैशटैग मर्दों द्वारा बोले जाने वाले झूठ (#LiesToldByMales) भी आ गया- लेकिन यह अपने प्रतियोगी के सामने टिक नहीं पाया.

यह अब तक करीब 2,000 बार ही ट्वीट किया जा सका है. इसमें मुख्य शिकायत ज़िम्मेदारी से डरने का भाव है.

एक यूज़र ने इसका इस्तेमाल करते हुए लिखा है, "मैं यह चाहता हूं. मैं यह हम दोनों के लिए चाहता हूं. मैं तुम्हारे लिए लड़ूंगा. *कुछ महीने बाद* 'मैं इस वक्त किसी तरह का संबंध नहीं रखना चाहता'"

कई यूज़र्स ने इस हैशटैग के साथ बस "आई लव यू" लिखकर पोस्ट किया.

साल 2010 में हुए एक शोध के अनुसार महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के झूठ बोलने की ज़्यादा आशंका होती है. 3,000 लोगों पर किए गए शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि एक ब्रितानी आदमी एक दिन में औसतन तीन बार झूठ बोलता है, जबकि औरतें दिन में दो बार.

इसी शोध में यह भी सामने आया कि लोग अपने साथी के बजाय अपनी मां से ज़्यादा झूठ बोलते हैं.

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