गर्मी बढ़ने से बढ़ेंगे मच्छर और मलेरिया

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जलवायु परिवर्तन के चलते लगातार तापमान बढ़ रहा है और इसी के साथ मलेरिया का खतरा भी बढ़ गया है. शोधकर्ताओं के मुताबिक़ तापमान बढ़ने के कारण मलेरिया के मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ यूएस जर्नल साइंस में प्रकाशित एक अध्ययन में इथियोपिया और कोलंबिया के आंकड़ों के आधार पर बताया गया है कि दुनिया भर में मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारियों में भारी बढ़ोतरी की आशंका है.

एएफ़पी के मुताबिक़ इन बीमारियों के चलते 2012 के दौरान दुनिया भर में करीब सवा छह लाख लोग मारे गए थे.

ब्रिटिश और अमरीकी शोधकर्ताओं ने साल 1990 से 2005 के दौरान पश्चिमी कोलंबिया के एंटिओक्लिया क्षेत्र में और 1993 से 2005 के दौरान सेंट्रल इथियोपिया में मलेरिया के मामलों का अध्ययन किया.

अध्ययन के दौरान पता चला कि जो साल अधिक गर्म थे, उनमें मलेरिया के मामले अधिक मिले, जबकि कम गर्म सालों में मलेरिया के मामलों में गिरावट देखने को मिली.

मलेरिया का जोखिम

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मिशिगन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक मर्सिडीज पॉस्कल ने बताया, "ये एकदम साफतौर से जलवायु परिवर्तन का असर है."

उन्होंने बताया, "तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही उष्णकटिबंधीय इलाकों में मलेरिया का जोखिम भी बढ़ जाता है."

इससे पहले अमरीकी साइंस कांग्रेस में शोधकर्ताओं ने कीनिया में एक अध्ययन के आधार पर बताया था कि तापमान में आधा डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी से पिछले 30 साल की अवधि में मलेरिया के मामलों में आठ गुना वृद्धि हुई है.

ऐसे में ताज़ा अध्ययन से इस बात की पुष्टि हुई है कि तापमान में वृद्धि और मलेरिया बीच संबंध हैं.

शोध से संकेत मिलते हैं कि पूर्वी और मध्य अफ़्रीक़ा के पहाड़ी इलाक़ों में बीमारी में काफ़ी इज़ाफ़ा देखा जा सकता है. जो परंपरागत रुप से मच्छरों के पनपने की जगह माने जाते हैं.

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