फ़िटनेस गैजेट: ये कितना दौड़ पाएंगे?

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सुबह के सात बजे हैं और मुझे ये बताते हुए गर्व होता है कि सुबह की एक दौड़ के बाद मैं 5,445 क़दम चल चुका हूं या 4,997 क़दम चल चुका हूं या शायद 4,545 क़दम चल चुका हूं. ये भी कह सकते हैं कि मैंने 1,543 फ़्यूल प्वाइंट जुटाए हैं, भले ही उसका मतलब कुछ भी हो.

ये सारे आंकड़े कुछ फ़िटनेस बैंड से और एक स्मार्टफ़ोन ऐप से मिले हैं.

पिछले करीब एक साल से पहनी जा सकने वाली तकनीकी चलन में है. ऐसे तमाम यंत्र इनमें आते हैं जिनमें सेंसर लगे होते हैं, जो हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के बारे में जानकारी देते हैं.

इनमें से सबसे असली रूप कई तरह की फ़िटनेस डिवाइस के रूप में मिलता है. इनमें पेडोमीटर भी हैं, जो ये बताते हैं कि आप कितने क़दम चल चुके हैं.

अभी ये विचार मुख्यधारा में ठीक ढंग से आया भी नहीं है कि कई तरह की शंकाएं सामने आ चुकी हैं.

ये सामने आया है कि नाइक ने अपने फ़्यूल बैंड का विकास रोक दिया है और वो आगे से सॉफ़्टवेयर के विकास पर ध्यान देगी.

हो सकता है कि ऐसा इसलिए हो, क्योंकि वह ऐपल के साथ मिलकर एक फ़िटनेस प्रॉडक्ट पर काम कर रही हो, लेकिन इस पर अब भी सवाल हैं कि इन चीज़ों का बाज़ार कितना बड़ा है.

'गैजेट की थकान'

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हालांकि कुछ लोग जिन्होंने इस तकनीक का इस्तेमाल जल्दी शुरू किया था, उन्हें एक तरह की थकान महसूस होने लगी है.

गैजेट ब्लॉग पॉकेट-लिंट के लेखक स्टूअर्ट माइल्स ने इन यंत्रों में मेरी दिलचस्पी जगाई थी.

हाल ही में जब हम मिले तो उन्होंने मुझे याद दिलाया कि मैंने उन्हें देर रात को ये बताने के लिए फ़ोन किया था कि मैंने कसरत करने का अपना नाइक फ़्यूल बैंड लक्ष्य पूरा कर लिया था.

स्टूअर्ट ने अपना फ़्यूल बैंड पहनना बंद कर दिया है. वो कहते हैं, "शुरुआत में तो ये बड़ा रोमांचक था, लेकिन कुछ समय के बाद आप एक ढर्रे पर चले जाते हैं तो आपको पता होता है कि आप क्या कर रहे हैं, फिर आपको इसकी ज़रूरत नहीं होती कि कोई आपको बताए कि आपका दिन कैसा रहा."

हालांकि हम इन पहने जा सकने वाले फ़िटनेस मॉनीटरों के शुरुआती चरण में हैं. वायर्ड डॉट को डॉट यूके की ओलीविया सोलन का मानना है कि सबसे जानदार वो ऐप होगा जो ये बताएगा कि हमने कितनी कैलोरी ली.

मैं जॉबोन के जॉर्गन नॉर्डिन के साथ अपने दफ़्तर की सीढ़ियां चढ़ता हूं. अप बैंड पर मेरे क़दम दर्ज हो रहे हैं. अप बैंड नॉर्डिन की कंपनी का बेहद तेज़ी से बिक रहा उत्पाद है.

वो कहते हैं, "ये सब कुछ ज़्यादा सेंसर पर टिका है, शरीर पर और सेंसर होंगे, शर्ट, जूतों और शायद ईयरिंग में सेंसर होंगे. अलग-अलग सेंसर अलग-अलग डाटा प्वाइंट पर होंगे और इनसे और जानकारी मिलेगी."

'सुधरेगी ज़िंदगी?'

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लेकिन सवाल यही है, इन आंकड़ों की ज़रूरत किसे होगी और इनका फ़ायदा किसे होगा?

निजता के अधिकार के पैरोकार समूह उन आंकड़ों में दिलचस्पी ले रहे हैं जो हमारे नाइक फ़्यूलबैंड या जॉबोन क्लाउड को भेजते हैं.

कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों की सेहत को मापने के लिए फ़िटनेस बैंड ला रही हैं, निश्चित तौर पर ये स्वैच्छिक है.

एक बीमा कंपनी उन लोगों को कम प्रीमियम पर बीमा की पेशकश कर रही है जो इन गैजेट की मदद से अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का ध्यान रखते हैं.

लेकिन हम सबको अपने ही आंकड़ों में दिलचस्पी दिखानी होगी और ये विश्वास दिलाना होगा कि इससे हमारी ज़िंदगी सुधर सकती है.

वैसे मैं आपको बता दूं कि मेरी दिनभर की गतिविधियां ख़त्म हो चुकी हैं. मैंने नाइक फ़्यूल बैंड के मुताबिक दिन भर में 13,329 क़दम उठाए, ब्रीज़ स्मार्टफ़ोन ऐप के मुताबिक 14,309 क़दम और जॉबोन अप के मुताबिक 13,691 क़दम उठाए.

अप के मुताबिक मैंने छह घंटे 24 मिनट की नींद ली, इसमें से तीन घंटे 32 मिनट की गहरी नींद थी और दो घंटे 51 मिनट की हल्की नींद. मुझे ऐसा लगता है कि मुझे कम चलने और ज़्यादा सोने की ज़रूरत है - शायद ये गैजेट मदद कर सकते हैं.

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