क्या आप को हँसी से डर लगता है?

  • 6 जुलाई 2014

डर हरेक को लगता है, लेकिन कुछ के मन में कुछ चीज़ों को लेकर ज़्यादा डर बैठ जाता है. इस स्थिति को मनोचिकित्सक फ़ोबिया या मानसिक बीमारी मानते हैं.

ऐसा ही एक फ़ोबिया है, गेल्टोफ़ोबिया. अजीब बात यह है कि इससे पीड़ित शख्स को हँसी से बेहद डर लगता है. ऐसे व्यक्ति के सामने कोई हँसे, तो उसे लगता है कि उसका ही मज़ाक उड़ाया जा रहा है.

इसके शिकार लोग लोगों से मिलना नहीं पसंद करते क्योंकि अगर लोग हँस पड़े, तो वे घबरा जाते हैं और कई लोग तो संतुलन तक खो देते हैं.

कई देशों के वैज्ञानिक गेल्टोफ़ोबिया को समझने की कोशिश कर रहे हैं.

अमरीका निवासी 18 साल के ड्रुमांड (बदला हुआ नाम) ने शोधकर्ताओं से कहा, ''मैं जब लोगों को हँसते सुनता हूं, तो मुझे लगता है कि वो मेरे ऊपर हँस रहे हैं. मैं लड़ने तक को तैयार हो जाता हूं.''

मज़ाक का डर

इजराइली निवासी 37 साल के चुक्कर कहते हैं, ''जब मैं हँसी सुनता हूं, तो मुझे बहुत ग़ुस्सा आता है. मुझे तनाव और सिरदर्द भी हो जाता है.''

डॉक्टर ट्रेसी प्लैट अध्ययन कर रही हैं कि हँसने से डरने से चेहरे पर आने वाले भावों का कैसा संबंध है.

इस अध्ययन में ऑनलाइन फ़ॉर्म भरने के बाद स्वयंसेवक ज्यूरिख़ स्थित उनकी प्रयोगशाला में आते हैं.

डेनमार्क में सबसे कम केवल दो फ़ीसदी लोग ही गेल्टोफ़ोबिया से पीड़ित हैं.

वह कहती हैं कि ऐसा डर केवल यूरोपीय लोगों में नहीं पाया जाता, एशियाई लोग भी इसका शिकार होते हैं.

प्रोफ़ेसर सोफ़ी स्कॉट यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में आवाज़, भाषण और हँसी के तंत्रिका विज्ञान पर अध्ययन करती हैं.

उनका कहना है, ''अगर आप लोगों के साथ अच्छे तरीके से व्यवहार नहीं करते या उनकी हँसी में शामिल नहीं होते, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि यह कितना अप्रिय होता होगा.''

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